Lung Cancer Symptoms: फेफड़ों का कैंसर, लक्षण, कारण और बचाव के आधुनिक उपाय
फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) वर्तमान में पुरुषों और महिलाओं दोनों में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे प्रमुख कारण है.
फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) वर्तमान में पुरुषों और महिलाओं दोनों में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे प्रमुख कारण है. दिलचस्प बात यह है कि सिगरेट के मशीनी उत्पादन से पहले यह बीमारी बहुत दुर्लभ थी. आज, फेफड़ों के कैंसर से होने वाली 10 में से 9 मौतों के लिए धूम्रपान जिम्मेदार है.
धूम्रपान और फेफड़ों का संबंध
सिगरेट के धुएं में कैंसर पैदा करने वाले खतरनाक रसायन होते हैं. हमारे फेफड़ों में 'सिलिया' (Cilia) नामक सूक्ष्म बाल होते हैं जो बैक्टीरिया और टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं. तंबाकू का धुआं इन सिलिया को निष्क्रिय कर देता है, जिससे हानिकारक रसायन फेफड़ों में जमा होने लगते हैं और कैंसर का रूप ले लेते हैं.
फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण
- शुरुआती चरणों में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है. ये संकेत दिख सकते हैं.
- ऐसी खांसी जो ठीक न हो रही हो.
- गहरी सांस लेते समय सीने में दर्द.
- सांस फूलना या घरघराहट होना.
- बलगम के साथ खून आना.
- अत्यधिक थकान महसूस होना.
कैंसर के प्रकार और स्टेज (Staging)
स्मॉल-सेल लंग कैंसर (Small-cell)-यह बहुत आक्रामक होता है और तेजी से फैलता है. यह मुख्य रूप से धूम्रपान करने वालों में पाया जाता है. नॉन-स्मॉल-सेल लंग कैंसर (Non-small-cell)-यह लगभग 85% मामलों के लिए जिम्मेदार है और तुलनात्मक रूप से धीरे फैलता है. स्टेजिंग- कैंसर के फैलाव के आधार पर इसे स्टेज I से IV तक बांटा जाता है. 'लिमिटेड' स्टेज का मतलब है कैंसर एक ही फेफड़े तक सीमित है, जबकि 'एक्सटेंसिव' का मतलब है कि यह शरीर के अन्य अंगों में फैल चुका है.
जांच और उपचार की आधुनिक तकनीकें
आज चिकित्सा विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है.स्पाइरल सीटी स्कैन (Spiral CT Scan) के जरिए शुरुआती चरण में कैंसर का पता लगाया जा सकता है. भारी धूम्रपान करने वालों (55-80 वर्ष) को हर साल सीटी स्कैन कराने की सलाह दी जाती है.
उपचार के ऑप्शन
सर्जरी-अगर कैंसर केवल एक फेफड़े तक सीमित है, तो सर्जरी से प्रभावित हिस्सा हटा दिया जाता है.
कीमोथेरेपी और रेडिएशन-कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए इनका उपयोग किया जाता है.
टारगेटेड थेरेपी-यह तकनीक कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने वाले संकेतों को रोकती है.
इम्यूनोथेरेपी-यह आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैंसर से लड़ने के लिए तैयार करती है.
अन्य जोखिम कारक (Risk Factors)
- सेकेंडहैंड स्मोक-दूसरों द्वारा छोड़े गए धुएं में सांस लेना.
- रेडॉन गैस-यह एक गंधहीन प्राकृतिक रेडियोधर्मी गैस है जो घरों में जमा हो सकती है.
- वायु प्रदूषण और रसायनों का संपर्क-एस्बेस्टस, यूरेनियम और आर्सेनिक जैसे रसायनों के बीच काम करना.
- पारिवारिक इतिहास-अगर परिवार में किसी को पहले फेफड़ों का कैंसर रहा हो.
बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है
फेफड़ों के कैंसर से बचने का सबसे प्रभावी तरीका धूम्रपान छोड़ना और प्रदूषित वातावरण से बचना है. रिसर्च बताते हैं कि कैंसर का पता चलने के बाद भी अगर कोई धूम्रपान छोड़ देता है, तो उसके ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है.