क्या है बॉक्स ब्रीदिंग? तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने की सबसे सरल तकनीक

गहरी सांस लेने की एक ऐसी प्रभावशाली तकनीक है जो आपके दिमाग को शांत करने और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करती है.

Update: 2026-02-02 07:15 GMT

बॉक्स ब्रीदिंग (Box Breathing), जिसे 'स्क्वायर ब्रीदिंग' भी कहा जाता है, गहरी सांस लेने की एक ऐसी प्रभावशाली तकनीक है जो आपके दिमाग को शांत करने और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करती है. यह तकनीक न केवल तनाव कम करती है, बल्कि आपके फोकस (Focus) और मूड में भी सुधार करती है.

शुरुआत कैसे करें? (तैयारी)

सही स्थिति-एक कुर्सी पर सीधे बैठें, खड़े हों या पीठ के बल लेट जाएं. अगर आप कुर्सी पर हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपकी पीठ को सहारा मिले और पैर जमीन पर टिके हों.

हाथों की स्थिति-एक हाथ अपनी छाती पर और दूसरा पेट पर रखें.

सांस का अवलोकन-एक मिनट तक सामान्य रूप से सांस लें. ध्यान दें कि क्या आपकी केवल छाती फूल रही है या पेट भी?

गहरी सांस का महत्व-अगर सांस लेते समय आपका पेट ऊपर की ओर उठ रहा है, तो आप 'डीप ब्रीदिंग' कर रहे हैं, जो शरीर को पूरी तरह से आराम पहुंचाती है.

बॉक्स ब्रीदिंग के 4 आसान स्टेप्स

  • (Inhale)-धीरे-धीरे नाक से सांस अंदर लें और मन में 4 तक गिनें, महसूस करें कि हवा आपके फेफड़ों में भर रही है.
  • (Hold)- अपनी सांस को 4 सेकंड के लिए रोककर रखें.
  • (Exhale)-अब धीरे-धीरे मुंह से 4 सेकंड तक सांस बाहर निकालें.
  • (Wait)- दोबारा सांस लेने से पहले 4 सेकंड का इंतजार करें.

इस चक्र को तब तक दोहराएं जब तक आप शांत महसूस न करने लगें. केवल 30 सेकंड का अभ्यास भी आपको नियंत्रण में महसूस करा सकता है.

बॉक्स ब्रीदिंग के फायदे

  • तनाव और घबराहट (Panic)- गिनती पर ध्यान केंद्रित करने से दिमाग चिंताजनक स्थितियों से हट जाता है.
  • नींद में सहायक-यदि आप अनिद्रा (Insomnia) से जूझ रहे हैं, तो यह सोने में मदद करती है.
  • ब्लड प्रेशर-यह कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को कम करती है और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में सहायक है.
  • एकाग्रता (Focus)-काम के बीच में खुद को 'रीसेट' करने और फोकस बढ़ाने का यह बेहतरीन तरीका है.

शुरुआत करने वालों के लिए खास टिप्स

  • समय कम करें-अगर 4 सेकंड बहुत ज्यादा लग रहे हैं, तो आप 2 या 3 सेकंड से शुरू कर सकते हैं.
  • आरामदायक स्थिति-हमेशा आरामदायक स्थिति में अभ्यास करें ताकि आप पूरी तरह अपनी सांस पर ध्यान दे सकें.
  • नियमित अभ्यास-इसे केवल तनाव के समय ही नहीं, बल्कि रोजाना सुबह या रात को सोने से पहले अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
  • की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे आप ऑफिस, घर या सार्वजनिक स्थानों पर बिना किसी को पता चले कर सकते हैं.

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