चिपचिपे बालों से मुश्किल हो रहा स्टाइल करना, आयुर्वेद में छिपा है इससे निपटने का सही तरीका
आयुर्वेद के प्राकृतिक उपायों से आप चिपचिपे बालों की समस्या को आसानी से दूर कर सकते हैं।
नई दिल्ली: कई बार बाल धोने के बावजूद वे चिपचिपे रह जाते हैं या थोड़ी देर बाद ही बालों में तेल और गंदगी जमने लगती है। ऐसा होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- स्कैल्प में अतिरिक्त तेल – प्राकृतिक ऑयल ज्यादा होने पर बाल जल्दी चिपचिपे हो जाते हैं।
- गलत शैम्पू या हेयर प्रोडक्ट्स – कभी-कभी हानिकारक रसायन बालों में तेल जमा कर देते हैं।
- हाथों से बार-बार छूना – गंदे हाथों से बाल छूने पर तेल और धूल जमा होती है।
- हार्मोनल असंतुलन – हार्मोन बदलाव भी बालों की चिपचिपाहट बढ़ा सकते हैं।
- स्कैल्प की सफाई न होना – पर्याप्त धोने के बिना बालों में चिपचिपापन बना रहता है।
आयुर्वेदिक उपाय से बालों को साफ और हल्का बनाएं
आयुर्वेद में कुछ प्राकृतिक नुस्खे बताए गए हैं, जो बालों के चिपचिपेपन को कम कर ऊर्जा और पोषण देते हैं:
- नीम या शिकाकाई से धोना – नीम या शिकाकाई को पानी में भिगोकर उबालें और उस पानी से बाल धोएं।
- एलोवेरा जेल – बाल धोने के बाद ताजगी और पोषण के लिए एलोवेरा जेल लगाएं।
- मुल्तानी मिट्टी का लेप – हफ्ते में एक बार स्कैल्प पर मुल्तानी मिट्टी का लेप करें, यह अतिरिक्त तेल सोखता है और बालों को मजबूत बनाता है।
सही शैम्पू और तेल का प्रयोग
- सल्फेट फ्री शैम्पू – बालों को चिपचिपा होने से रोकने के लिए सल्फेट फ्री शैम्पू का इस्तेमाल करें।
- तेल का संतुलित उपयोग – हफ्ते में केवल एक बार हल्का तेल लगाएं और स्कैल्प को अच्छे से साफ करें।
नियमित देखभाल से स्वस्थ और चमकदार बाल
- हफ्ते में एक बार उपरोक्त उपाय अपनाने से स्कैल्प साफ रहेगा।
- अतिरिक्त तेल और गंदगी से बचाव होगा, जिससे बाल लंबे और चमकदार बने रहेंगे। (With inputs from IANS)