ठंड में सिर-कान-पैर की मालिश क्यों है फायदेमंद
सर्दियों में सिर, कान और पैरों की मालिश से सेहत और त्वचा बेहतर होती है।
नई दिल्ली: सर्दियों में ठंडी हवाएं त्वचा की नमी छीन लेती हैं, जिससे स्किन रूखी और बेजान दिखने लगती है। ऐसे में आयुर्वेद में बताए गए अभ्यंग यानी तेल मालिश को एक असरदार उपाय माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार, सर्द मौसम में शरीर के तीन खास हिस्सों—सिर, कान और पैरों—पर तेल लगाना बेहद लाभकारी होता है।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यंग त्वचा को नमी और कोमलता देने के साथ-साथ रक्त संचार को भी बेहतर बनाता है। सर्दियों में ये तीनों हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, इसलिए इन पर नियमित मालिश विशेष फायदे देती है।
अभ्यंग के लिए तिल का तेल सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। इसके अलावा सरसों या नारियल तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तेल को हल्का गुनगुना कर पूरे शरीर पर मालिश करना बेहतर रहता है।
सिर की मालिश से बाल मजबूत होते हैं, सिरदर्द में राहत मिलती है और मन शांत रहता है। स्कैल्प पर तिल का तेल लगाने से रूखापन और डैंड्रफ की समस्या भी कम होती है।
कानों में हल्का सा तेल डालकर मालिश करने से सुनने की क्षमता बेहतर रहती है, ठंड से होने वाले कान दर्द में राहत मिलती है और नींद भी अच्छी आती है।
पैरों की मालिश को सबसे अहम माना गया है, क्योंकि यहां कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं। इससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, थकान दूर होती है, नींद बेहतर होती है और सर्दियों में एड़ियां फटने की समस्या से भी बचाव होता है।
नियमित अभ्यंग से त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है, शरीर डिटॉक्स होता है, जोड़ों में लचीलापन आता है और इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में अभ्यंग एक सरल, सुरक्षित और घर पर आसानी से अपनाया जा सकने वाला आयुर्वेदिक उपाय है। नहाने से पहले 10–15 मिनट तेल मालिश करें और फिर गुनगुने पानी से स्नान करें, ताकि शरीर तेल को अच्छी तरह अवशोषित कर सके। (With inputs from IANS)