गर्मियों में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं आयुष मंत्रालय के ये आसान टिप्स

भारत में गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है.

Update: 2026-03-17 14:15 GMT

भारत में गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में शरीर को ठंडा और संतुलित रखने के साथ ही डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान से बचाना जरूरी है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के कुछ आसान और प्रभावी टिप्स अपनाकर इस भीषण गर्मी में भी स्वस्थ, तरोताजा और एनर्जी से भरपूर रहा जा सकता है. भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेद कहता है गर्मी में शरीर नहीं संतुलन ठंडा रखें तभी मिलेगा असली स्वास्थ्य.

आयुर्वेद में गर्मियों के लिए कुछ खास देखभाल के तरीके बताए गए हैं, जो पित्त दोष को नियंत्रित कर शरीर और मन दोनों को शांत रखते हैं. आयुर्वेद बताता है कि गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडक देना और बाहर से भी सुरक्षित रखना चाहिए. इसके लिए 7 आसान और कारगर वेलनेस टिप्स दिए जा रहे हैं, जो इस गर्मी में स्वस्थ और तरोताजा रखने में कारगर हैं.ठंडक देने वाले नेचुरल कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन करें : गर्मी में खूब सारे तरल पदार्थ लें.

खीरे का रस, बेल का शरबत, नारियल पानी, पुदीने का शरबत, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय शरीर को ठंडक देते हैं और डिहाइड्रेशन से बचाते हैं. दोपहर की तेज धूप से बचें : दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक धूप में निकलने से परहेज करें. अगर जरूरी हो तो सिर को छाता, टोपी या गमछे से ढंकें और पानी की बोतल साथ रखकर ही निकलें. भारी और तला-भुना खाना से परहेज करें : गर्मियों में पित्त दोष बढ़ता है. इसलिए मसालेदार, मिर्चीदार और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूर रहें। हल्का, सात्विक और ताजा भोजन करें.

गुलाब जल और चंदन का इस्तेमाल करें : गुलाब जल से चेहरा और आंखें धोएं, इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और जलन कम होती है. चंदन का लेप या चंदन का पाउडर पसीने और गर्मी से भी राहत देता है.

सुबह जल्दी उठें और हल्का व्यायाम करें: सूरज निकलने से पहले उठकर योग, प्राणायाम या हल्की सैर करें. इससे शरीर दिनभर एनर्जी से भरपूर और ठंडा रहता है.

दोपहर का भोजन हल्का रखें: गर्मी की दोपहर में भारी भोजन कतई न करें. दाल-चावल, सब्जी, रोटी या खिचड़ी जैसा हल्का और पचने में आसान भोजन लें, ताकि पाचन तंत्र पर बोझ न पड़े.

मन को ठंडा रखें: गर्मी में चिड़चिड़ापन, तनाव बढ़ जाता है. ध्यान, गहरी सांस लेने के व्यायाम जैसे अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम के अभ्यास और संगीत सुनने से मन शांत रहता है.

Input IANS

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