रोजाना करें कटिचक्रासन, पेट की चर्बी को कहें अलविदा

कटिचक्रासन का रोजाना अभ्यास पेट की चर्बी घटाकर कमर को तंदुरुस्त और मजबूत बनाता है।

Update: 2026-02-27 08:45 GMT

नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण लोग तेजी से मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। मोटापा न केवल शरीर के आकार को प्रभावित करता है, बल्कि यह हृदय रोग, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। इस समस्या का समाधान केवल खान-पान और व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि योग के नियमित अभ्यास से शरीर को स्वस्थ और रोग-प्रतिरोधक बनाया जा सकता है।

मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के विशेषज्ञों के अनुसार, योगासन जीवनशैली में अनुशासन लाने और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने का एक प्रभावी तरीका है।

इनमें से एक महत्वपूर्ण आसन है ‘कटिचक्रासन’। यह आसन मुख्य रूप से कमर को घुमाने वाला व्यायाम है, जो पेट की चर्बी घटाने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि रोजाना 5-10 मिनट कटिचक्रासन करने से कमर लचीली बनी रहती है और वजन नियंत्रित करने में आसानी होती है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन रीढ़, कंधों और गर्दन की जकड़न को दूर करने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से कमर की चर्बी कम होती है, पीठ मजबूत होती है और पेट के अंग, जैसे गुर्दे, सक्रिय रहते हैं। इसे करना बेहद आसान है। सीधे खड़े होकर सांस भरते हुए दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं।

हथेलियां एक-दूसरे की ओर हों। फिर सांस छोड़ते हुए कमर से बाईं ओर मुड़ें और दायां हाथ बाएं कंधे पर रखें। बाएं हाथ को पीठ के पीछे से दाईं कमर की ओर लाने की कोशिश करें और गर्दन को भी पीछे की ओर घुमाएं। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहें, फिर सामान्य रूप से सांस लेते हुए सामने आएं। इसी प्रक्रिया को दाईं ओर दोहराएं।

योग विशेषज्ञों का सुझाव है कि सुबह जल्दी उठकर हल्की-फुल्की गतिविधि और योग अभ्यास करने से मोटापे को नियंत्रित करने के साथ-साथ अन्य शारीरिक समस्याओं से भी बचा जा सकता है। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोग और हाल ही में सर्जरी करवा चुके मरीज इस आसन को करने से परहेज करें। (With inputs from IANS)

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