हाई शुगर से भी ज्यादा खतरनाक लो शुगर, छोटी सी चूक बन सकती है बड़ी परेशानी

आज की जीवनशैली में लोग दिनभर एक ही जगह बैठे रहते हैं और शारीरिक गतिविधि बेहद कम हो गई है।

Update: 2026-02-23 13:00 GMT

आज की बदलती जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधि की कमी आम हो गई है। इसका असर धीरे-धीरे शरीर पर पड़ता है और सबसे पहले रक्त में शुगर का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिससे कम उम्र में भी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन असंतुलित जीवनशैली प्रमुख वजह मानी जाती है।

डायबिटीज को लेकर लोगों में यह धारणा आम है कि हाई शुगर ज्यादा खतरनाक होती है, जबकि लो शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। जब रक्त में ग्लूकोज का स्तर बहुत कम हो जाता है, तो मस्तिष्क को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती। इससे अचानक चक्कर, बेहोशी, दौरे और आपातकालीन स्थिति तक बन सकती है।

रक्त में ग्लूकोज का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि शुगर स्तर 70 mg/dL तक गिर जाए तो सावधानी जरूरी है, और 40–50 mg/dL के बीच पहुंचने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

ग्लूकोज संतुलित रखने के लिए नियमित और संतुलित भोजन जरूरी है। छोटे-छोटे अंतराल पर खाना, खजूर या किशमिश जैसे प्राकृतिक मीठे स्रोत लेना और हल्का पौष्टिक आहार शामिल करना मददगार हो सकता है। लंबे समय तक भूखे रहने, अनियमित भोजन और अत्यधिक तनाव से बचना चाहिए। भोजन में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का संतुलित संयोजन शरीर को ऊर्जा देता है और मस्तिष्क को भी सक्रिय बनाए रखने में सहायक होता है।

With Inputs From IANS

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