पैरों की थकान को कहें अलविदा, अपनाएं 'पिंडली शक्ति विकासक क्रिया'

योग की प्राचीन परंपरा सदियों से चली आ रही है. यह न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांत और तनावमुक्त बनाता है.

Update: 2026-03-06 15:15 GMT

योग की प्राचीन परंपरा सदियों से चली आ रही है. यह न सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांत और तनावमुक्त बनाता है. ऐसा ही एक प्रभावी व्यायाम है, जिसका नाम 'पिंडली शक्ति विकासक क्रिया' है. यह योगासन विशेष रूप से पैरों के पिछले हिस्से यानी पिंडलियों को मजबूती करने में कारगर साबित होता है. इस योगासन के नियमित अभ्यास से पैरों की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और कई तरह की शारीरिक समस्याओं से राहत भी मिलती है। इसके ढेर सारे लाभ हैं.

घुटनों व टखनों को मजबूती मिलती है

आयुष मंत्रालय ने इसे एक सूक्ष्म योग व्यायाम बताया है, जो पिंडलियों को मजबूत और सुडौल बनाता है। उनके अनुसार, व्यायाम के नियमित अभ्यास करने से रक्त संचार में सुधार आता है, थकान दूर होती है और घुटनों व टखनों को मजबूती मिलती है. इसके अलावा, कमर और पूरे निचले हिस्से की स्थिरता बढ़ती है.

अगर रोजाना खड़े रहने या फिर लंबा चलने के कारण पैरों में थकान रहती है तो इसको अपनी जीवनशैली में अपनाने पर थकान दूर होती है. इसमें हाथों की गोलाकार गति और सांस के साथ बैठने-उठने की क्रिया शामिल होती है.

कुछ मिनट के अभ्यास से पैर सुडौल और मजबूत हो जाते हैं

पिंडली शक्ति विकासक व्यायाम का अभ्यास कोई भी आसानी से घर पर कर सकता है. रोजाना कुछ मिनट के अभ्यास से पैर सुडौल और मजबूत हो जाते हैं. इसको करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं, पैर मिले हुए हों और शरीर सीधा होना चाहिए और हाथों की मुट्ठियां बंधी हो.अब सांस भरते हुए हाथों को सामने फैलाएं और घुटनों के बल बैठ जाएं, एड़ियां जमीन पर टिकी रहें और सांस को छोड़ते हुए हाथों को वापस लाएं और खड़े हो जाएं। शुरुआत में 20-25 बार अभ्यास करें.

क्रिया करते समय सांस और गति का तालमेल बनाए रखें। अगर घुटनों में कोई समस्या हो तो धीरे शुरू करें या विशेषज्ञ से सलाह लें। सुबह खाली पेट या शाम को करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं.

Input IANS

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