मोटापा और संक्रमण का खतरा, वजन बढ़ने से अस्पताल में भर्ती होने और मौत का जोखिम 70 प्रतिशत तक बढ़ा
अध्ययन में पाया गया है कि दुनिया भर में संक्रमण से होने वाली हर 10 में से एक मौत का संबंध कहीं न कहीं मोटापे से है.
हाल ही में हुए एक बड़े शोध के अनुसार, मोटापे (Obesity) से जूझ रहे लोगों में किसी भी संक्रमण (Infection) के कारण अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु होने की संभावना सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक होती है. 'लैंसेट' (Lancet) पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया है कि दुनिया भर में संक्रमण से होने वाली हर 10 में से एक मौत का संबंध कहीं न कहीं मोटापे से है.
संक्रमण और मोटापे का गहरा संबंध
5 लाख से अधिक लोगों पर किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि शरीर का अस्वास्थ्यकर वजन (Unhealthy Weight) न केवल कोविड-19, बल्कि फ्लू, निमोनिया, गैस्ट्रोएंटेराइटिस और मूत्र पथ के संक्रमण (UTI) जैसी बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा देता है.
रिसर्च के मुख्य आंकड़े
हर साल होने वाली संक्रमण संबंधी 54 लाख मौतों में से लगभग 6 लाख (11%) मोटापे से जुड़ी हो सकती हैं. 30 या उससे अधिक BMI वाले लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा 70 प्रतिशत अधिक पाया गया.ब्रिटेन में संक्रमण से होने वाली हर 6 में से एक मौत और अमेरिका में हर 4 में से एक मौत मोटापे से जुड़ी है। इसके विपरीत, वियतनाम में यह आंकड़ा सबसे कम (1.2%) है.
कमजोर इम्यून सिस्टम है बड़ी वजह
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के प्रोफेसर मिका किविमाकी के अनुसार, मोटापा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को कमजोर कर देता है. इसके कारण शरीर बैक्टीरिया, वायरस और कवक (Fungi) से प्रभावी ढंग से नहीं लड़ पाता, जिससे मामूली संक्रमण भी गंभीर रूप ले लेता है. हेलसिंकी विश्वविद्यालय की डॉ. सोल्जा न्याबर्ग चेतावनी देती हैं कि जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर मोटापे की दर बढ़ेगी, वैसे-वैसे संक्रमण से होने वाली मौतों और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में भी वृद्धि होगी.
बचाव के उपाय और विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि गंभीर संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए केवल वजन कम करना ही काफी नहीं है, बल्कि सार्वजनिक नीतियों में भी बदलाव की जरूरत है. मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए यह "विशेष रूप से महत्वपूर्ण" है कि वे अपने सभी टीकाकरण (Vaccinations) अपडेट रखें.किफायती स्वस्थ भोजन तक पहुंच और शारीरिक गतिविधि के अवसर बढ़ाना अनिवार्य है. GLP-1 जैसी वजन घटाने वाली दवाओं के ट्रायल से पता चला है कि वजन कम करने से गंभीर संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है.