विटामिन डी की कमी बना सकती है डेंगू को जानलेवा, ICMR जर्नल में छपे शोध का बड़ा खुलासा
स्टडी के अनुसार, शरीर में विटामिन डी (Vitamin D) की कमी और डेंगू (Dengue) की गंभीरता के बीच गहरा संबंध पाया गया है.
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के जर्नल में प्रकाशित कोलंबिया के एक हालिया शोध ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है. इस स्टडी के अनुसार, शरीर में विटामिन डी (Vitamin D) की कमी और डेंगू (Dengue) की गंभीरता के बीच गहरा संबंध पाया गया है. भारत जैसे देश में, जहां डेंगू और विटामिन डी की कमी दोनों ही बड़े पैमाने पर मौजूद हैं, यह खोज जीवन रक्षक साबित हो सकती है.
भारत में हर साल मानसून के दौरान डेंगू के मामलों में भारी उछाल आता है. प्लेटलेट्स का गिरना और रक्तस्राव (Bleeding) जैसे लक्षण मरीजों के लिए घातक साबित होते हैं. अब वैज्ञानिकों ने पाया है कि शरीर में विटामिन डी का स्तर यह तय कर सकता है कि मरीज कितनी जल्दी रिकवर होगा या उसकी स्थिति कितनी गंभीर होगी.
क्या कहता है शोध?
कोलंबिया में किए गए इस क्लिनिकल अध्ययन में शोधकर्ताओं ने डेंगू के मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच की. परिणामों में पाया गया कि इन मरीजों में विटामिन डी का स्तर तुलनात्मक रूप से बेहतर था.चेतावनी के संकेतों वाले या गंभीर डेंगू से जूझ रहे मरीजों में विटामिन डी की भारी कमी पाई गई.
कैसे काम करती है यह प्रक्रिया?
अध्ययन में miRNA-155 नामक एक अणु (Molecule) की भूमिका सामने आई है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune Response) को नियंत्रित करता है. विटामिन डी की कमी होने पर miRNA-155 का स्तर बढ़ जाता है, जिससे शरीर में 'साइटोकाइन स्टॉर्म' (अत्यधिक सूजन) की स्थिति पैदा होती है। यह स्थिति डेंगू हैमरेजिक फीवर जैसी जटिलताओं को जन्म देती है.
भारतीय विशेषज्ञों की राय
एम्स (AIIMS) के एंडोक्रिनोलॉजी प्रोफेसर डॉ. आर. गोस्वामी के अनुसार, यह शोध विटामिन डी और डेंगू के बीच के संबंध को मजबूती प्रदान करता है. वहीं, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स के डॉ. पंकज सोनी और सर गंगा राम अस्पताल के डॉ. अतुल गोगिया का मानना है कि विटामिन डी की कमी को दूर करना एक 'मॉडिफ़िएबल रिस्क फैक्टर' है. यानी विटामिन डी के स्तर को सही रखकर डेंगू की गंभीरता और सूजन को कम किया जा सकता है.
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी?
2025 तक भारत में डेंगू के सवा लाख के करीब मामले सामने आ चुके हैं. दूसरी ओर, भारत की एक बड़ी आबादी विटामिन डी की कमी से जूझ रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि विटामिन डी डेंगू का 'इलाज' नहीं है, लेकिन शरीर में इसका सही स्तर बनाए रखना अस्पताल में भर्ती होने और गंभीर होने के जोखिम को कम कर सकता है.