तनाव दूर कर मांसपेशियों को मजबूत बनाता है प्रसारित पादहस्तासन, ये सावधानी भी जरूरी
प्रसारित पादहस्तासन तनाव कम और मांसपेशियां मजबूत करता है
नई दिल्ली: योगासन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माने जाते हैं। इनमें से एक प्रमुख आसन है प्रसारित पादहस्तासन या वाइड-लेग्ड फॉरवर्ड बेंड, जिसे अंग्रेज़ी में Wide-Legged Forward Bend कहा जाता है। यह आसन शरीर की कई मांसपेशियों को गहरा खिंचाव प्रदान करता है और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है, मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है और मन शांत रहता है।
आसन करने की विधि
मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, इस आसन को करने के लिए योग मैट पर ताड़ासन पोज में सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों को जोड़कर रखें और हाथ शरीर के साथ रखें। फिर पैरों को 3-4 फीट या अपनी ऊंचाई अनुसार 4-5 फीट दूर फैलाएं।
एड़ियां बाहर की ओर और पैर के अंगूठे थोड़े अंदर की ओर रखें। इस दौरान हाथों को कमर पर रखें और छाती को आगे की ओर रखें। सांस छोड़ते हुए कमर से धीरे-धीरे आगे झुकें। जितना संभव हो उतना आगे झुकें और सांस लेते हुए धीरे-धीरे वापस उठें। इस प्रक्रिया से शरीर के सभी मांसपेशियों में गहरा खिंचाव आता है और रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।
लाभ
प्रसारित पादहस्तासन के नियमित अभ्यास से शरीर और मन को कई लाभ मिलते हैं। यह जांघों, कूल्हों और पीठ की मांसपेशियों को खींचकर लचीलापन बढ़ाता है। रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और पीठ दर्द में राहत मिलती है।
पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं। मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है। यह आसन पैर, टखने और कोर मसल्स को भी मजबूत करता है। साथ ही, थकान दूर होती है, ऊर्जा बढ़ती है और मन को शांति मिलती है।
सावधानियां
इस आसन को करते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं। पीठ में गंभीर चोट, हाई या लो ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा, घुटने या कूल्हे में समस्या वाले लोग बिना योग विशेषज्ञ की सलाह के इस आसन को न करें। गर्भवती महिलाएं भी इस आसन के अभ्यास में सतर्क रहें। सुबह खाली पेट इस आसन का अभ्यास अधिक फायदेमंद माना जाता है।
निष्कर्ष
प्रसारित पादहस्तासन केवल मांसपेशियों को मजबूत करने या लचीलापन बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव को कम करने और ऊर्जा बढ़ाने में भी मदद करता है। सही तकनीक, नियमित अभ्यास और सावधानी के साथ इसे अपनाने से शरीर और मन दोनों ही स्वस्थ रहते हैं। यह आसन हर उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है और इसे योग दिनचर्या में शामिल करके जीवन में शारीरिक और मानसिक संतुलन लाया जा सकता है। (With inputs from IANS)