डीप ब्रीदिंग : 5 मिनट की गहरी सांस से दूर होगा तनाव, मन को मिलेगी शांति
रोज़ सिर्फ 5 मिनट गहरी सांस लेने से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और एकाग्रता बेहतर होती है।
नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली में लगातार बढ़ती स्क्रीन टाइम, अव्यवस्थित दिनचर्या और अनियमित खानपान का असर केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आज तनाव, चिंता, घबराहट और एंग्जाइटी जैसी समस्याएं आम हो चुकी हैं। ऐसे में नेशनल हेल्थ मिशन लोगों को मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए एक बेहद आसान और प्रभावी उपाय—डीप ब्रीदिंग यानी गहरी सांस लेने का अभ्यास—अपनाने की सलाह देता है।
डीप ब्रीदिंग एक प्राकृतिक तकनीक है, जिसके लिए किसी विशेष उपकरण या स्थान की जरूरत नहीं होती। रोजाना केवल 5 मिनट का यह अभ्यास शरीर और मन दोनों को गहरा आराम देता है। नियमित रूप से गहरी सांस लेने से तनाव हार्मोन का स्तर कम होता है और मन शांत महसूस करता है। इससे मूड बेहतर होता है, सकारात्मक सोच बढ़ती है और पूरे दिन ऊर्जा बनी रहती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है, जिससे दिमाग अधिक सक्रिय और संतुलित रहता है। यह अभ्यास ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने, हृदय की धड़कन को स्थिर करने और मांसपेशियों के तनाव को कम करने में भी सहायक है। जो लोग अनिद्रा या बेचैनी से जूझ रहे हैं, उनके लिए भी डीप ब्रीदिंग लाभकारी साबित हो सकती है।
इस अभ्यास को करना बेहद आसान है। सबसे पहले आराम से बैठ जाएं या सीधा लेट जाएं। फिर नाक से धीरे-धीरे गहरी सांस लें और पेट को बाहर की ओर फैलने दें। सांस लेते समय मन ही मन 4 तक गिनें। कुछ क्षण सांस रोकें और फिर मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें, इस दौरान 6 से 8 तक गिनती करें। यह प्रक्रिया पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करती है, जो शरीर को रिलैक्स मोड में ले जाता है और मानसिक शांति प्रदान करता है।
सुबह उठते ही या सोने से पहले 5 मिनट का यह अभ्यास पूरे दिन के तनाव को कम करने में मददगार हो सकता है। खास बात यह है कि इसे घर, ऑफिस या सफर के दौरान भी आसानी से किया जा सकता है। नियमित अभ्यास से न केवल मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि समग्र जीवन गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। (With inputs from IANS)