संतुलित आहार और सही कैलोरी काउंट से कंट्रोल करें डायबिटीज, ये सावधानी भी जरूरी

संतुलित आहार और सही कैलोरी की गणना से डायबिटीज को कंट्रोल करें; ये सावधानियाँ भी जरूरी हैं।

Update: 2026-03-11 09:00 GMT

नई दिल्ली: आज डायबिटीज (मधुमेह) देश में तेजी से बढ़ती सामान्य बीमारी बन चुकी है और यह युवाओं और बुजुर्गों दोनों में समान रूप से चिंता का कारण बन रही है। हालांकि, सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित भोजन करना और रोजाना कितनी कैलोरी लेनी है, इसका ध्यान रखना डायबिटीज को नियंत्रित रखने में सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, संतुलित आहार और उचित कैलोरी सेवन ब्लड शुगर को स्थिर रखने का सबसे आसान और कारगर उपाय है। यदि सही मात्रा में कैलोरी ली जाए और पोषण संतुलित हो, तो इससे न केवल ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है, बल्कि दवा की जरूरत भी कम हो सकती है। डायबिटीज में यदि ब्लड शुगर का स्तर अनियंत्रित हो, तो इससे कई गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे आंखों की समस्या, किडनी की खराबी, नसों में नुकसान और हृदय रोग। इसलिए दैनिक भोजन और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन की मात्रा नियंत्रित करना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। ज्यादा खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है और ब्लड शुगर अनियंत्रित हो सकता है। डायबिटीज से बचाव और इसके प्रभाव को कम करने के लिए थाली का आधा हिस्सा सब्जियों से भरें, एक चौथाई हिस्सा प्रोटीन या दाल से और बाकी का हिस्सा साबुत अनाज से भरें। चावल, आलू और मैदे वाले व्यंजनों से परहेज करना लाभकारी होता है।

मीठे पदार्थ, जैसे कि शुगर, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, जूस, चॉकलेट और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें। इनकी जगह प्राकृतिक मिठास वाले फल जैसे सेब, अमरूद और पपीता सीमित मात्रा में लें। सब्जियों और फाइबर युक्त आहार को प्राथमिकता दें। पालक, ब्रोकली, भिंडी, लौकी, करेला, ज्वार, बाजरा, ओट्स और दालें फाइबर से भरपूर होने के कारण शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं।

नियमित समय पर भोजन करना भी बेहद जरूरी है। सुबह 8-9 बजे नाश्ता, दोपहर 1-2 बजे लंच और शाम 7-8 बजे डिनर लेना फायदेमंद है। बीच में हल्के स्नैक्स जैसे मुट्ठीभर मखाना या दही लिया जा सकता है। इसके अलावा, रोजाना 30 मिनट की सैर, हल्का व्यायाम और तनाव कम करना भी ब्लड शुगर नियंत्रण में मदद करता है।

नेशनल हेल्थ मिशन ने चेतावनी दी है कि यदि ब्लड शुगर का स्तर 200 मिलीग्राम/डीएल से अधिक हो, तो यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है और ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। इस तरह संतुलित आहार, नियमित समय पर भोजन और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर डायबिटीज को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। (With inputs from IANS)

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