किडनी की बीमारी के 12 चेतावनी संकेत, दुनिया भर में 85 करोड़ लोग प्रभावित, कहीं आप भी तो नहीं?
हर 10 में से एक व्यक्ति किडनी की समस्या से जूझ रहा है. आइए जानते हैं वे 12 संकेत जिन्हें आपको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
दुनिया भर में लगभग 85 करोड़ लोग क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से प्रभावित हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 90% लोगों को अपनी बीमारी का पता तब तक नहीं चलता जब तक कि उनकी किडनी फेल होने के कगार पर न पहुंच जाए. भारत में स्थिति और भी गंभीर है, जहां हर 10 में से एक व्यक्ति किडनी की समस्या से जूझ रहा है. मणिपाल हॉस्पिटल, बेंगलुरु में कंसल्टेंट डॉ. दीपश्री जी ए बताती हैं कि किडनी की बीमारी को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण अक्सर सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं. आइए जानते हैं वे 12 संकेत जिन्हें आपको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
किडनी खराब होने के 12 मुख्य लक्षण
विशेष रूप से रात में बार-बार पेशाब की इच्छा होना किडनी के फिल्टर खराब होने का संकेत हो सकता है. जब किडनी के फिल्टर खराब होते हैं, तो रक्त कोशिकाएं पेशाब में "लीक" होने लगती हैं. यह ट्यूमर या पथरी का भी संकेत हो सकता है.
- अगर पेशाब में अंडे के सफेद भाग (एल्ब्यूमिन) जैसा झाग दिखे, तो इसका मतलब है कि शरीर से प्रोटीन बाहर निकल रहा है.
- आंखों के नीचे लगातार सूजन यह बताती है कि आपकी किडनी शरीर में प्रोटीन रोकने के बजाय उसे पेशाब के जरिए बाहर निकाल रही है.
- किडनी द्वारा सोडियम (नमक) का सही निष्कासन न होने से शरीर के निचले हिस्सों में तरल जमा होने लगता है.
- किडनी रक्तचाप को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। क्षतिग्रस्त किडनी के कारण ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है.
- शरीर में अतिरिक्त तरल जमा होने से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है.
- खून में विषाक्त पदार्थों (Toxins) के जमा होने और एनीमिया (खून की कमी) के कारण आप हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं.
- जब किडनी खून को सही से साफ नहीं करती, तो टॉक्सिन्स शरीर में बने रहते हैं, जिससे गहरी नींद आना मुश्किल हो जाता है.
- किडनी का काम खनिजों और पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना है। इसके असंतुलित होने पर त्वचा रूखी और खुजलीदार हो जाती है.
- शरीर में गंदगी और विषाक्त पदार्थों के संचय के कारण स्वाद बिगड़ जाता है और भूख कम लगती है.
- कैल्शियम और फास्फोरस जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ने से मांसपेशियों में तेज दर्द और ऐंठन हो सकती है.
किडनी की जांच कब कराएं?
अगर आपकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है, आप मधुमेह (Diabetes) या हाय प्रेशर के रोगी हैं, या आपके परिवार में किडनी फेलियर का इतिहास रहा है, तो आपको साल में कम से कम एक बार अपनी किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए.