भीषण गर्मी और हीटवेव, कहीं आपकी किडनी तो खतरे में नहीं? गर्मियों की शुरुआत से पहले जान लें ये जरूरी बातें

इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के अनुसार, भारत में लगभग 13.8 करोड़ वयस्क किडनी की पुरानी बीमारी (CKD) से प्रभावित हैं.

Update: 2026-03-13 16:00 GMT

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2026 की गर्मियों के सामान्य से अधिक गर्म रहने की भविष्यवाणी की है. जब पारा चढ़ता है, तो हम अक्सर हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन की चर्चा करते हैं, लेकिन इस दौरान हमारे शरीर के भीतर एक 'साइलेंट क्राइसिस' यानी शांत संकट पैदा होता है, जिसका सीधा असर हमारी किडनी (गुर्दों) पर पड़ता है. इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के अनुसार, भारत में लगभग 13.8 करोड़ वयस्क किडनी की पुरानी बीमारी (CKD) से प्रभावित हैं. बढ़ती गर्मी और हीटवेव के दिनों में यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है.

गर्मी कैसे पहुंचाती है किडनी को नुकसान?

किडनी हमारे शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और कचरे को फिल्टर करने का काम करती है. लेकिन अत्यधिक गर्मी इस नाजुक प्रणाली को अस्त-व्यस्त कर देती है. जब तापमान बढ़ता है, तो शरीर खुद को ठंडा करने के लिए रक्त के प्रवाह को त्वचा की ओर मोड़ देता है. इससे किडनी तक पहुंचने वाले खून की मात्रा कम हो जाती है.डिहाइड्रेशन के कारण किडनी को कम ऑक्सीजन मिलती है और उसे अत्यधिक गाढ़े टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थों) को फिल्टर करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. वैज्ञानिक अब भारत में बाहरी काम करने वाले मजदूरों में 'अनजान कारणों से होने वाली किडनी की बीमारी' (CKDu) को सीधे तौर पर हीट स्ट्रेस (गर्मी के तनाव) से जोड़कर देख रहे हैं.

किडनी संकट के चेतावनी संकेत (Red Flags)

ICMR के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गर्मियों में थकान को सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें. इन लक्षणों पर ध्यान दें अगर आप पानी पी रहे हैं, लेकिन फिर भी 6 से 12 घंटों तक पेशाब नहीं आया है. पेशाब का गहरा एम्बर (अंबर) या 'कोक' जैसा रंग गंभीर डिहाइड्रेशन का संकेत है. पैरों या चेहरे पर अचानक आई सूजन बताती है कि किडनी तरल पदार्थों को मैनेज नहीं कर पा रही है. चिड़चिड़ापन या भटकाव महसूस होना इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का लक्षण हो सकता है.

गर्मियों के लिए 'किडनी-सेफ्टी' चेकलिस्ट

स्मार्ट हाइड्रेशन रणनीति

सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है, शरीर में नमक का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है. सादे पानी के अलावा नमकीन छाछ, नींबू पानी या ORS का सेवन करें. अगर आप बाहर काम कर रहे हैं, तो हर 20 मिनट में कम से कम एक कप पानी पिएं. प्यास लगने का इंतज़ार न करें.

किडनी-फ्रेंडली डाइट

ऐसी चीजों को डाइट में शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, तरबूज, खरबूजा और अंगूर बेहतरीन विकल्प हैं. खीरा, लौकी और सलाद पत्ता (Lettuce) अपनी थाली में जरूर शामिल करें.

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