शांभवी मुद्रा से बढ़ाएं एकाग्रता, घटाएं तनाव

शांभवी मुद्रा एक सरल योग तकनीक है, जो मन को शांत करके एकाग्रता बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद करती है।

Update: 2026-04-03 08:00 GMT

नई दिल्ली: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में गैजेट्स का बढ़ता उपयोग और काम का दबाव मानसिक स्थिति पर असर डालता है, जिससे तनाव बढ़ता है और एकाग्रता में कमी आती है। ऐसे में ‘शांभवी मुद्रा’ एक आसान और प्रभावी उपाय साबित हो सकती है।

इस मुद्रा में साधक अपनी आंखों की पुतलियों को भौंहों के बीच वाले स्थान पर टिकाने की कोशिश करते हैं। यह अभ्यास देखने में आसान है लेकिन इसका असर गहरा होता है। इससे मन शांत और तनाव कम होता है और दिमाग बेहतर तरीके से काम करने लगता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, शाम्भवी मुद्रा एक प्राचीन, शक्तिशाली योगिक तकनीक है, जिसमें आंखों को स्थिर करके भौंहों के केंद्र (तीसरे नेत्र) पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और उच्च चेतना के अनुभव के लिए की जाती है।

ऐसा माना जाता है कि शांभवी मुद्रा करने से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित रहता है, जो मूलाधार चक्र से ऊपर उठकर आज्ञा चक्र (तीसरे नेत्र) तक जाता है। यह मुद्रा कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को कम करती है, बीडीएनएफ (मस्तिष्क स्वास्थ्य) बढ़ाती है और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है।

इसे करना बेहद आसान है। इसे करने के लिए किसी शांत जगह पर सुखासन, सिद्धासन या कुर्सी पर सीधी पीठ रखकर बैठें। हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा (अंगूठा और तर्जनी उंगली मिलाकर) में रखें। आंखें खुली रखें और नजर को भौंहों के बीच केंद्र पर फोकस करें। सांस सामान्य रखें और मन को भटकने न दें।

रोज 5 से 10 मिनट से शुरू करें। धीरे-धीरे बढ़ाकर 21 मिनट तक कर सकते हैं। इसे शुरुआत में धीरे-धीरे करना चाहिए। यदि आंखों में तनाव हो तो इसे रोक दें।

मोतियाबिंद, ग्लूकोमा या हाल ही में आंखों की कोई सर्जरी हुई है, तो इसका अभ्यास न करें। शुरुआत में इसे केवल 1 से 2 मिनट तक ही करें। यदि सिर में दर्द महसूस हो, तो तुरंत आंखें बंद कर लें और विश्राम करें। (With inputs from IANS)

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