सुस्ती करे दूर, एकाग्रता भरपूर! बस रोजाना 5 मिनट करें ये योग क्रिया
रोजाना 5 मिनट की यह योग क्रिया सुस्ती दूर कर एकाग्रता बढ़ाती है।
नई दिल्ली: आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में कई लोग दिनभर सुस्ती और थकान की शिकायत करते हैं। सुबह उठते ही आलस महसूस होना, शरीर भारी लगना और ध्यान जल्दी भटक जाना आम समस्याएं हैं। पढ़ाई, ऑफिस या घर की जिम्मेदारियों में एकाग्रता की कमी अक्सर परेशान करती है।
योग में कुछ सरल और असरदार क्रियाएं ऐसी हैं जो शरीर और दिमाग दोनों को सक्रिय कर देती हैं। इनमें से एक है कुंडलिनी शक्ति-विकासक क्रिया। यह दिखने में साधारण लगती है, लेकिन इसके लाभ बेहद प्रभावशाली हैं। इसे करने के लिए न ज्यादा जगह चाहिए और न ही किसी विशेष उपकरण की जरूरत।
इस योग क्रिया के अभ्यास से सुस्ती धीरे-धीरे दूर होती है। पैरों की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, शरीर में रक्त संचार बढ़ता है और ऊर्जा स्तर सुधरता है। कुछ ही दिनों के अभ्यास से शरीर हल्का महसूस होने लगता है और सुबह का आलस कम हो जाता है।
कुंडलिनी शक्ति-विकासक क्रिया एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करती है। क्रिया के दौरान शरीर की गति और सांस का तालमेल दिमाग को वर्तमान क्षण पर केंद्रित रखता है। इसके परिणामस्वरूप अभ्यास के बाद मन शांत और फोकस्ड महसूस होता है, जो पढ़ाई या मानसिक कार्य करने वालों के लिए बेहद लाभकारी है।
यदि रोजाना केवल 5 मिनट इस योग क्रिया को करें, तो जल्दी ही फर्क महसूस होने लगता है। शुरुआत में इसे 20-25 बार करना पर्याप्त होता है। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाकर अपनी क्षमता के अनुसार इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसे सुबह खाली पेट या शाम को हल्के व्यायाम के रूप में करना सबसे अच्छा है।
ध्यान रखें कि अभ्यास के दौरान शरीर पर ज़ोर न डालें। शुरुआत में गति धीमी रखें और अभ्यास बढ़ने पर धीरे-धीरे लय तेज करें। घुटनों या पैरों में किसी भी समस्या की स्थिति में डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। (With inputs from IANS)