किताबें बनेंगी आपकी थेरेपी! बिना दवा तनाव-चिंता दूर करने का असरदार तरीका

बिब्लियोथेरेपी किताबों के ज़रिए तनाव और चिंता को कम करने का एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है।

Update: 2026-01-07 05:30 GMT

बिब्लियोथेरेपी किताबों के माध्यम से तनाव, चिंता और मानसिक परेशानियों से राहत पाने का एक सरल और प्राकृतिक तरीका है।

नई दिल्ली: तेज़ रफ्तार जीवनशैली के इस दौर में तनाव, चिंता और एंग्जायटी आम समस्या बन चुकी है, ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना पहले से कहीं ज्यादा ज़रूरी हो गया है। इसे संभालने का एक आसान और असरदार तरीका है किताबें पढ़ना, जिसे बिब्लियोथेरेपी कहा जाता है—यानी पढ़ने के ज़रिए मन को सुकून देना।

किताबें मन और दिमाग की भरोसेमंद साथी बनकर भावनाओं को समझने, तनाव घटाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती हैं। यह दवाओं से अलग एक प्राकृतिक, सरल और ऐसा उपाय है जिसे कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनाकर मानसिक राहत पा सकता है।

अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, बिब्लियोथेरेपी में मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए अलग-अलग तरह की सामग्री का उपयोग किया जाता है, जैसे सेल्फ-हेल्प वर्कबुक, पंफलेट, उपन्यास, कहानियां और ऑडियो बुक्स।

सरल शब्दों में कहें तो बिब्लियोथेरेपी पढ़ने के माध्यम से की जाने वाली थेरेपी है, जिसमें चुनी हुई किताबें व्यक्ति को अपनी समस्याओं को समझने और उनसे निपटने में सहायता करती हैं। यह बिना दवा का, प्राकृतिक और गैर-औषधीय तरीका है, जो तनाव, चिंता और अन्य मानसिक परेशानियों को कम करने में प्रभावी साबित हुआ है।

इस विषय पर किए गए कई शोध बताते हैं कि किताबें पढ़ना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। खासकर सर्जरी या ऑपरेशन से पहले मरीजों में चिंता का स्तर अक्सर काफी बढ़ जाता है, जो मध्यम से गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में बिब्लियोथेरेपी के ज़रिए इस चिंता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

शोधों में यह भी सामने आया है कि ऑपरेशन से पहले बिब्लियोथेरेपी अपनाने से मरीजों की घबराहट घटती है, जिससे सर्जरी के बाद होने वाली जटिलताओं का खतरा भी कम हो जाता है। नर्स और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स मरीजों की समझ और ज़रूरत के अनुसार किताबें चुनकर इस तकनीक को आसानी से लागू कर सकते हैं।

यह तरीका सिर्फ ऑपरेशन से पहले ही नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में तनाव, अवसाद या चिंता से जूझ रहे लोगों के लिए भी फायदेमंद है। बिब्लियोथेरेपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किफायती, सरल और घर पर ही अपनाई जा सकती है।

किताबें पढ़ते हुए व्यक्ति खुद को बेहतर समझ पाता है, दूसरों की कहानियों से जुड़ता है और समस्याओं के समाधान तलाशता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, मन शांत होता है और सोच सकारात्मक बनती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आज के समय में जब मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, बिब्लियोथेरेपी एक सुलभ, प्रभावी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में सामने आई है। (With inputs from IANS)

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