नई दिल्ली: तेज रफ्तार जीवनशैली में अक्सर लोगों के पास खाना बनाने का समय या सुविधा नहीं होती, जिसके चलते वे जंक फूड का सहारा लेते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हालांकि, आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं, जिन्हें सही तरीके से तैयार कर बिना पकाए भी खाया जा सकता है।

ओट्स और स्प्राउट्स जैसे ये विकल्प न केवल शरीर को ऊर्जा देते हैं, बल्कि पाचन को बेहतर बनाते हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं।ओट्स – आज के समय में ओट्स को सबसे आसान और हेल्दी विकल्प माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, ओट्स हल्का और सुपाच्य भोजन होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार भूख भी नहीं लगती। विज्ञान भी कहता है कि ओट्स में मौजूद घुलनशील फाइबर दिल की सेहत के लिए अच्छा होता है और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसे दूध या पानी में भिगोकर, ऊपर से फल, शहद या ड्राई फ्रूट्स डालकर आसानी से खाया जा सकता है। यह एक ऐसा नाश्ता है जो 5 मिनट में तैयार हो जाता है और शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देता है।

दही और फल- दही और फलों का मिश्रण भी एक बेहतरीन विकल्प है। आयुर्वेद में दही को जीवाणु युक्त यानी अच्छे बैक्टीरिया वाला माना गया है, जो पेट को स्वस्थ रखते हैं। विज्ञान में इन्हें प्रोबायोटिक्स कहा जाता है, जो पाचन को सुधारते हैं और इम्युनिटी बढ़ाते हैं। जब इसमें केला, सेब या पपीता जैसे फल मिलाए जाते हैं तो यह और भी ज्यादा पौष्टिक बन जाता है।

स्प्राउट्स – अंकुरित दालों में विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है। मूंग या चना स्प्राउट्स में प्रोटीन भरपूर होता है, जो शरीर की ताकत बढ़ाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। नींबू, नमक और थोड़ा प्याज मिलाकर इसे स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। यह न केवल एनर्जी देता है बल्कि वजन को संतुलित रखने में भी मदद करता है।

ब्रेड और पीनट बटर – अगर जल्दी में कुछ खाना हो तो पीनट बटर और ब्रेड भी अच्छा विकल्प है। पीनट बटर में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं। आयुर्वेद में मूंगफली को बलवर्धक माना गया है, यानी यह शरीर को ताकत देती है। ब्राउन ब्रेड के साथ इसे खाने से फाइबर भी मिलता है, जिससे पाचन सही रहता है।

सैंडविच – ब्राउन ब्रेड में खीरा, टमाटर, उबले आलू या पनीर डालकर एक हेल्दी मील तैयार किया जा सकता है। इसमें डाली गई कच्ची सब्जियां शरीर को विटामिन्स और मिनरल्स देती हैं, जो रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं। हल्के मसालों के साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है, और यह पेट भी भरता है। (With inputs from IANS)


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नो-कुक फूड्स समय बचाते हुए शरीर को जरूरी पोषण देकर फिट और हेल्दी बनाए रखते हैं।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.