नई दिल्ली: शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया होने पर सुस्ती, थकावट, चक्कर, कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे बचाव के लिए रोजाना आयरन से भरपूर आहार लेना जरूरी है। पालक, चुकंदर, अनार, खजूर, गुड़, काले चने, राजमा और विभिन्न दालों का नियमित सेवन शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है और खून की कमी को दूर रखता है।

एनीमिया को खत्म करने के उद्देश्य से नेशनल हेल्थ मिशन ने देशभर में जागरूकता अभियान तेज किया है, जिसका संदेश है— “एनीमिया को हराएं, स्वस्थ जीवन अपनाएं।” यह समस्या खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में अधिक देखी जाती है। एनीमिया के कारण थकान, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना और बच्चों में विकास रुकने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। हालांकि संतुलित आहार, समय-समय पर जांच और सही जानकारी से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।

एनीमिया से बचने के लिए आयरन, विटामिन सी और प्रोटीन से भरपूर भोजन जरूरी है। आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। विटामिन सी आयरन के बेहतर अवशोषण में सहायक होता है, जबकि प्रोटीन शरीर की मरम्मत और विकास के लिए आवश्यक है।

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ और चौलाई के अलावा चना, राजमा, सोयाबीन, काले चने, ज्वार, बाजरा, गुड़, चुकंदर, अनार, सेब और खजूर आयरन के अच्छे स्रोत हैं। वहीं आंवला, नींबू, संतरा, मौसमी, अमरूद, कीवी, टमाटर, शिमला मिर्च और हरी मिर्च विटामिन सी से भरपूर होते हैं। प्रोटीन के लिए मूंग, अरहर, मसूर, उड़द, दूध, दही, छाछ, पनीर, सोया चंक्स, चना, राजमा और बीज जैसे बादाम, अखरोट, तिल, चिया सीड्स, अलसी और कद्दू के बीज का सेवन फायदेमंद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आयरन युक्त भोजन के साथ विटामिन सी युक्त फल या नींबू का सेवन जरूर करें, जिससे आयरन का अवशोषण बेहतर हो सके। भोजन के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचें, क्योंकि इससे आयरन का अवशोषण प्रभावित होता है। हर 3 से 6 महीने में हीमोग्लोबिन की जांच कराना जरूरी है। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट लेना चाहिए। (With inputs from IANS)

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रोजाना आयरन-समृद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन करने से शरीर में खून की कमी होने से बचाव होता है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.