प्रोटीन और फाइबर शरीर को ऊर्जा और मजबूती देने के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। ये मांसपेशियों के विकास और कोशिकाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन इन्हें रोजाना आहार में शामिल करना आसान नहीं होता। इसलिए लोग इसकी पूर्ति के लिए अंकुरित अनाज का सेवन करते हैं, हालांकि इसके सही सेवन का तरीका बहुत कम लोगों को पता होता है।

अंकुरित आहार सेहत के लिए फायदेमंद जरूर है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इसे सही तरीके से और सही व्यक्ति को ही लेना चाहिए। आयुर्वेद के मुताबिक अंकुरित अनाज पचने में थोड़ा भारी होता है और ज्यादा सेवन से वात दोष और गैस की समस्या बढ़ सकती है। इससे शरीर का रूखापन भी बढ़ता है। इसलिए स्प्राउट्स को हमेशा हल्का पकाकर, घी/तेल के साथ और सीमित मात्रा में ही लेना बेहतर होता है। सही तरीके से लिया गया अंकुरित आहार शरीर को ताकत देता है, लेकिन गलत तरीके से लेने पर नुकसान भी कर सकता है।

पहले जानते हैं कि किन लोगों को अंकुरित अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। जिन लोगों का पाचन मंद है और कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें अंकुरित आहार लेने से बचना चाहिए। पाचन मंद होने से आहार शरीर में सड़ने लगता है और पोषण की जगह शरीर में विषाक्त पदार्थों की वृद्धि होती है। बच्चे और बुजुर्गों को अंकुरित आहार देने से बचें, क्योंकि इस उम्र में पाचन बहुत कमजोर होता है।

इसके साथ ही वात प्रवृत्ति के लोगों को भी अंकुरित आहार का सेवन कम करना चाहिए। अंकुरित आहार वात में वृद्धि का कारण बन सकता है। ऐसे में सीमित मात्रा में ही सेवन करें। आयुर्वेद में अंकुरित आहार के सेवन के भी तरीके बताए गए हैं।

आयुर्वेद के मुताबिक अंकुरित आहार को कच्चा खाने से बचें और कोशिश करें कि उबालकर घी या तेल में पकाकर ही सेवन करें। इसके साथ ही अंकुरित होते ही सेवन करें। ज्यादा लंबे अंकुरित होने पर आहार के पोषक तत्वों पर फर्क पड़ता है।

With Inputs From IANS

IANSEat Sproutshealth

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प्रोटीन और फाइबर शरीर के लिए जरूरी हैं, लेकिन इन्हें नियमित आहार में शामिल करना आसान नहीं होता।
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