'सुपरफूड' पालक के सेवन से हो सकती है पथरी से लेकर जोड़ों में दर्द की परेशानी, इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

नई दिल्ली: स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और शरीर में खून की कमी दूर करने की बात हो तो पालक का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण पालक को अक्सर ‘सुपरफूड’ की श्रेणी में रखा जाता है। यह आयरन, कैल्शियम, फाइबर और कई जरूरी विटामिन्स का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो शरीर की समग्र सेहत के लिए लाभकारी होते हैं।
हालांकि, हर पौष्टिक चीज सभी लोगों के लिए समान रूप से फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में पालक का सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार, किसी भी खाद्य पदार्थ का प्रभाव व्यक्ति की शरीर प्रकृति और पाचन क्षमता पर निर्भर करता है। पालक रक्तवर्धक माना जाता है, लेकिन इसमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर में पथरी बनने के जोखिम को बढ़ा सकती है। यही कारण है कि किडनी स्टोन या पथरी से पीड़ित लोगों को पालक का सेवन सीमित मात्रा में करने या उससे परहेज करने की सलाह दी जाती है।
जिन लोगों को बार-बार यूरिन इन्फेक्शन यानी यूटीआई की समस्या रहती है, उन्हें भी पालक का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में पालक खाने से मूत्र मार्ग में रुकावट की संभावना बढ़ सकती है, जो आगे चलकर पथरी जैसी समस्या को जन्म दे सकती है।
इसके अलावा, जिन लोगों की पाचन शक्ति कमजोर होती है, उनके लिए भी पालक सावधानी से खाने योग्य माना गया है। कमजोर पाचन होने पर पालक आसानी से नहीं पच पाता और पेट में भारीपन, गैस या टॉक्सिन बनने की समस्या पैदा कर सकता है। आयुर्वेद में इसे ‘मंद अग्नि’ की स्थिति से जोड़ा जाता है।
अगर शरीर में वात और कफ दोष अधिक हो, तो पालक का ज्यादा सेवन जोड़ों में दर्द, अकड़न, गैस या श्वसन संबंधी संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है। पालक की तासीर अपेक्षाकृत भारी मानी जाती है, इसलिए संतुलित मात्रा में इसका सेवन करना ही बेहतर माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पालक पूरी तरह से हानिकारक नहीं है, लेकिन इसे अपनी स्वास्थ्य स्थिति और शरीर की जरूरत के अनुसार ही आहार में शामिल करना चाहिए। सही मात्रा और संतुलित तरीके से सेवन करने पर ही इसके लाभ सुरक्षित रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं। (With inputs from IANS)


