यह जाँच क्यों कराई जाती है?

हमारे शरीर में गुर्दों के ऊपर दो छोटी ग्रंथियाँ होती हैं, जिन्हें एड्रिनल ग्रंथियाँ कहा जाता है। ये ग्रंथियाँ कई ज़रूरी हार्मोन बनाती हैं, जो शरीर की वृद्धि, ऊर्जा, तनाव से निपटने और हार्मोनल संतुलन में भूमिका निभाते हैं।

17-कीटोस्टेरॉइड्स की मूत्र जाँच, इन एड्रिनल ग्रंथियों के कामकाज को समझने में मदद करती है। यह जाँच खासतौर पर तब कराई जाती है, जब डॉक्टर को निम्न समस्याओं का संदेह हो:

• यदि एड्रिनल ग्रंथि में गाँठ या ट्यूमर होने का संदेह हो,

• एड्रिनल ग्रंथि का असामान्य रूप से बड़ा हो (हाइपरप्लासिया) या

• शरीर में हार्मोन का असंतुलन (विशेषकर बच्चों या युवाओं में) हो

सही तरीके से नमूना इकट्ठा करना और डॉक्टर की सलाह का पालन करना इस जाँच के सटीक परिणामों के लिए बेहद ज़रूरी होता है।

इस जाँच में क्या जाँचा जाता है?

इस जाँच में पेशाब के ज़रिये यह देखा जाता है कि शरीर में 17-कीटोस्टेरॉइड हार्मोन कितनी मात्रा में बन रहे हैं। 17-कीटोस्टेरॉइड ऐसे पदार्थ होते हैं जो पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) और एड्रिनल ग्रंथि के कुछ अन्य हार्मोनों के टूटने के बाद बनते हैं।

अगर शरीर में ये हार्मोन ज़्यादा या कम बनते हैं, तो उनकी मात्रा पेशाब में भी बदल जाती है।

पेशाब में आए इस बदलाव को देखकर डॉक्टर समझ पाते हैं कि हार्मोन बनाने वाली ग्रंथियाँ ठीक से काम कर रही हैं या नहीं, और किसी बीमारी की संभावना है या नहीं।

नमूना कैसे लिया जाता है?

इस जाँच के लिए 24 घंटे में होने वाली सभी पेशाब को एक विशेष कंटेनर में इकट्ठा करना होता है।यह तरीका इसलिए ज़रूरी है ताकि पूरे दिन के हार्मोन का सही औसत स्तर पता चल सके।

घर पर मूत्र नमूना कैसे इकट्ठा करें?

जाँच को सही बनाने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

• लैब से मिला स्वच्छ और स्टेराइल कंटेनर ही इस्तेमाल करें।

• 24 घंटे के दौरान होने वाली हर बार की पेशाब उसी कंटेनर में डालें।

• ध्यान रखें कि कंटेनर में टॉयलेट पेपर या मल न जाए।

• नमूने को ठंडा रखें — ज़रूरत हो तो फ्रिज में रखें।

• लैब ले जाते समय कंटेनर को आइस बॉक्स या ठंडे डिब्बे में रखें।

• नमूना समय पर लैब में जमा करें।

जाँच से पहले क्या तैयारी करनी होती है?

कुछ दवाइयाँ इस जाँच के परिणाम को बदल सकती हैं। इसलिए जाँच से पहले डॉक्टर से दवाइयों से सम्बंधित जानकारी ज़रूर पूछें कि:

• क्या कोई दवा कुछ दिनों के लिए रोकनी है?

• क्या कोई दवा बदलनी या टालनी ज़रूरी है?

डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा खुद से बंद न करें।

जाँच के परिणाम कैसे बताए जाते हैं?

रिपोर्ट में हार्मोन की मात्रा संख्याओं (नंबर) में दी जाती है। डॉक्टर इन नंबरों की तुलना सामान्य लोगों के मानकों (reference range) से करते हैं।

ध्यान रखें कि अलग-अलग लैब में सामान्य मान थोड़े अलग हो सकते हैं। केवल रिपोर्ट देखकर घबराएं नहीं, आपको रिपोर्ट का सही अर्थ डॉक्टर ही बता सकते है|

परिणामों का क्या मतलब हो सकता है?

यदि 17-कीटोस्टेरॉइड्स का स्तर बढ़ा हुआ हो, तो यह संकेत हो सकता है कि:

• एड्रिनल ग्रंथि जन्म से ही ज़्यादा सक्रिय है (खासकर बच्चों में)|

• शरीर में ऐसे ट्यूमर भी हो सकते हैं जो ACTH नामक हार्मोन बनाते हैं|

• एड्रिनल ग्रंथि, अंडाशय (ओवरी) अथवा वृषण (टेस्टिस) से जुड़े ट्यूमर भी मौजूद हो सकते हैं।

• कभी-कभी यह स्थिति पिट्यूटरी ग्रंथि की अधिक सक्रियता, जिसे हाइपरपिट्यूटेरिज़्म कहा जाता है, के कारण भी देखी जाती है।

यदि 17-कीटोस्टेरॉइड्स का स्तर कम हो, तो यह संकेत हो सकता है कि:

• शरीर किसी गंभीर तनाव या संक्रमण से जूझ रहा है, या कोई बीमारी लंबे समय से चली आ रही है।

• इसके अलावा, यह स्थिति एडिसन रोग में भी देखी जा सकती है, जिसमें एड्रिनल ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती।

• कभी-कभी पिट्यूटरी ग्रंथि की कम सक्रियता, जिसे हाइपोपिट्यूटेरिज़्म कहा जाता है, के कारण भी 17-कीटोस्टेरॉइड्स का स्तर घटा हुआ मिल सकता है।

क्या हैं डॉक्टर से पूछने योग्य ज़रूरी सवाल?

• जाँच रिपोर्ट कब मिलेगी?

• रिपोर्ट मुझे कैसे और कहाँ मिलेगी?

• इस रिपोर्ट के आधार पर आगे क्या इलाज होगा?

• क्या और जाँचें करानी पड़ सकती हैं?

• मुझे अपनी दिनचर्या या दवाओं में क्या बदलाव करना चाहिए?

अंत में ज़रूरी बात

17-कीटोस्टेरॉइड मूत्र जाँच एड्रिनल ग्रंथियों के कामकाज को समझने में एक महत्वपूर्ण जाँच है। इसलिए जाँच रिपोर्ट को हमेशा डॉक्टर की सलाह के साथ ही समझना चाहिए। यदि इस जाँच को लेकर कोई भ्रम, डर या सवाल हो, तो बिना झिझक अपने डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से बात करें—क्योंकि सही जानकारी ही सही इलाज की पहली और सबसे ज़रूरी सीढ़ी है।

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Topic:

17-कीटोस्टेरॉइड्स मूत्र जाँच एक विशेष 24-घंटे की पेशाब जाँच है, जो शरीर की एड्रिनल ग्रंथियों और हार्मोनल संतुलन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देती है।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.