यदि आप कम सुनते हैं या बधिर (Deaf) हैं: जानिये डॉक्टर से बेहतर संवाद के लिए ज़रूरी टिप्स

डॉक्टर से इलाज तभी प्रभावी होता है जब मरीज डॉक्टर तक अपनी समस्या स्पष्ट रूप से पहुँचा सके और उनकी कही बातें सही से समझ पाएं । यदि आपको सुनने में परेशानी है, तो कुछ सरल उपाय आपकी डॉक्टर-विज़िट को आसान और सुरक्षित बना सकते हैं।
प्रतीक्षालय (रिसेप्शन) में अपनी ज़रूरत कैसे बताएं?
अगर आपको सुनने में कठिनाई होती है, तो रिसेप्शन पर पहले ही बता दें कि नाम पुकारने से आपको पता नहीं चल पाता है। उनसे अनुरोध करें कि डॉक्टर के बुलाने पर वे आपको खुद आकर बुलाएँ या किसी दृश्य संकेत से ध्यान आकर्षित करें।
यदि आप सांकेतिक भाषा का उपयोग करते हैं, तो क्या करें?
डॉक्टर के साथ अच्छा संवाद बेहद आवश्यक है।
अगर आप साइन लैंग्वेज का उपयोग करते हैं, तो अपॉइंटमेंट लेते समय ही दुभाषिया (इंटरप्रेटर) माँग लें। आप चाहें तो किसी भरोसेमंद दोस्त या रिश्तेदार को भी साथ ला सकते हैं, लेकिन वह व्यक्ति ऐसा हो जिससे आप निजी बातों पर सहज हों।
डॉक्टर को यह ज़रूर बताएं कि आप किस प्रकार की सांकेतिक भाषा का होती इस्तेमाल करते हैं (जैसे ASL या अन्य)।
अगर आप कम सुनते हैं या बोले गए शब्दों पर निर्भर हैं, तो संवाद कैसे आसान बनाएं?
कई बार मरीज़ डॉक्टर को नहीं बताते की उन्हें बात समझने में दिक्कत है| लेकिन सही इलाज के लिए अपनी ज़रूरतें बताना भी ज़रूरी है, इसलिए अपनी परेशानी बताने में झिझक न करें।
डॉक्टर से शांत और अच्छी रोशनी वाले कमरे में बात करने को कहें।
डॉक्टर से अनुरोध करें कि वे आपकी ओर मुँह करके साफ़ और धीरे बोलें, और ज़रूरत पड़ने पर बात दोहराएँ।
यदि किसी प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर को मास्क पहनना हो, तो ज़रूरी जानकारी पहले ही समझा देने को कहें।
अगर आपकी बोली दूसरों को समझने में कठिन हो, तो क्या करें?
यदि आपकी बोली दूसरों को समझने में कठिन हो, तो समय लें। डॉक्टर से धैर्य रखने को कहें और खुद भी आराम से बोलें। चाहें तो अपनी बात लिखकर या मोबाइल/कंप्यूटर पर टाइप करके भी बता सकते हैं। यदि आपको विशेष दुभाषिया (जैसे क्यूड स्पीच या ओरल इंटरप्रेटर) चाहिए, तो पहले से अनुरोध करें।
डॉक्टर की बात सही से समझना क्यों ज़रूरी है?
आपको अपने स्वास्थ्य से जुड़ी हर बात समझने का पूरा अधिकार है। अगर आपको डॉक्टर की कुछ बातें समझ न आए, तो
• डॉक्टर से बात दोहराने या आसान शब्दों में समझाने को कहें।
• कठिन शब्द लिखवाएँ और ज़रूरत हो तो चित्र या मॉडल से समझाने का अनुरोध करें।
• दवाइयों और इलाज से जुड़ी जानकारी आप लिखित में भी माँग सकते हैं।
सहायक उपकरण कैसे मदद कर सकते हैं?
सहायक उपकरण आपकी सुनने में होने वाली कठिनाइयों को काफी हद तक कम कर सकते हैं और डॉक्टर से संवाद को आसान बना सकते हैं।
• यदि आप हियरिंग एड पहनते हैं, तो डॉक्टर से मिलने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह सही तरीके से काम कर रहा हो और आपकी ज़रूरत के अनुसार ठीक से सेट हो। सही सेटिंग होने पर डॉक्टर की आवाज़ अधिक साफ़ और स्पष्ट सुनाई देती है, जिससे बात समझने में गलती की संभावना कम हो जाती है।
• यदि आप व्यक्तिगत ध्वनि बढ़ाने वाला उपकरण (पर्सनल एम्प्लीफिकेशन सिस्टम) उपयोग करते हैं, तो बिना झिझक डॉक्टर से अनुरोध करें कि वे उसका माइक्रोफ़ोन पहनें। इससे आसपास के शोर का असर कम होता है और डॉक्टर की आवाज़ सीधे आपके उपकरण तक पहुँचती है।
ऐसे उपकरण न केवल बातचीत को सहज बनाते हैं, बल्कि आपको आत्मविश्वास भी देते हैं कि आप अपनी सेहत से जुड़ी हर बात सही तरह से समझ पा रहे हैं।
क्या अपनी ज़रूरतें बताना सही है?
अच्छा इलाज तभी संभव है जब संवाद साफ़ और समझने योग्य हो। अपनी ज़रूरतें बताना आपका अधिकार है—इससे न शर्माएँ, न हिचकें। सही संवाद से आप और आपका डॉक्टर, दोनों मिलकर बेहतर स्वास्थ्य निर्णय ले सकते हैं।


