गुजरात में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 55 लाख लड़कियों को लगाया जाएगा एचपीवी टीका

गांधीनगर/अहमदाबाद: केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में घोषित राष्ट्रीय अभियान के बाद गुजरात सरकार ने राज्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में शुरू किए गए व्यापक ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के तहत लगभग 55 लाख किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत अहमदाबाद से की गई है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को राजस्थान में इस राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत की थी। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए गुजरात में अभियान का शुभारंभ अहमदाबाद के सोला सिविल अस्पताल में आयोजित एक कार्यक्रम में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया की उपस्थिति में अभियान की शुरुआत की।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 14 वर्ष की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन प्रदान करना है। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं के बीच दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है और कुल मामलों में लगभग 17.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है।
राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, देश में हर चार मिनट और 12 सेकंड में एक महिला में सर्वाइकल कैंसर का पता चलता है, जबकि लगभग हर सात मिनट में एक महिला की इस बीमारी से मृत्यु हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में पहचान में नहीं आती, जिसके कारण लगभग 70 से 75 प्रतिशत मरीजों में इसका पता दूसरे या तीसरे चरण में चलता है। यही वजह है कि यह कैंसर 30 से 69 वर्ष की महिलाओं में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक बना हुआ है।
साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सर्वाइकल कैंसर के लगभग 1,27,526 नए मामले सामने आए और करीब 79,906 महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण हुई। वहीं गुजरात में इसी अवधि के दौरान 4,928 नए मामले दर्ज किए गए और 1,781 महिलाओं की मौत हुई।
गुजरात कैंसर अनुसंधान संस्थान (GCRI) के विशेषज्ञों ने इस मौके पर एचपीवी वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि इस वैक्सीन को लेकर फैली कई चिंताएं और गलत जानकारियां पूरी तरह निराधार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावी है तथा यह उच्च जोखिम वाले एचपीवी टाइप 16 और 18 से होने वाले संक्रमण को रोकने में मदद करती है, जो सर्वाइकल कैंसर के अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण और जागरूकता के जरिए सर्वाइकल कैंसर के मामलों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक किशोरियों तक वैक्सीन पहुंचाने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। (With inputs from IANS)


