महिलाओं के लिए हेल्थ अलर्ट, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं कैंसर के संकेत

महिलाओं का शरीर मासिक धर्म (Menstrual Cycle) से लेकर मेनोपॉज तक कई शारीरिक बदलावों से गुजरता है. कभी-कभी थोड़ा अलग महसूस होना सामान्य है, लेकिन कुछ नए लक्षण कैंसर की चेतावनी भी हो सकते हैं. महिलाओं में ब्रेस्ट, कोलोरेक्टल, लंग, सर्वाइकल और स्किन कैंसर सबसे आम हैं.
स्तन (Breast) और निप्पल में बदलाव
ब्रेस्ट में हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन अगर कोई नई गांठ कुछ हफ्तों से बनी हुई है, तो उसकी जांच जरूरी है. इसके अलावा इन संकेतों पर ध्यान दें. जैसे
- स्तन या बगल (Armpit) में सूजन या गांठ.
- निप्पल से खूनी या साफ तरल पदार्थ का निकलना.
- निप्पल का अंदर की ओर मुड़ जाना.
- स्तन की त्वचा का संतरे के छिलके जैसा दिखना (डिंपलिंग).
पेट और पीठ में लगातार दर्द या सूजन
पीरियड्स के दौरान ऐंठन सामान्य है, लेकिन पेट, पीठ या श्रोणि (Pelvis) में लगातार दबाव महसूस होना डिम्बग्रंथि (Ovarian) या गर्भाशय (Endometrial)कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर आप कई हफ्तों तक रोजाना पेट फूला हुआ (Bloating) महसूस करती हैं, तो डॉक्टर से सलाह ले.
असामान्य रक्तस्राव (Bleeding)
पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग होना या दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज होना संक्रमण या सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर आप **मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति)** से गुजर चुकी हैं और फिर से ब्लीडिंग होती है, तो यह कभी भी सामान्य नहीं है और तुरंत जांच की जरूरी है.
पेशाब और मल त्याग की आदतों में बदलाव
कोलोरेक्टल कैंसर- दस्त, कब्ज, या मल के रंग और आकार में बदलाव जो कुछ दिनों से अधिक समय तक रहे. पेशाब की समस्या-पेशाब में खून आना, बार-बार पेशाब का दबाव महसूस होना या पेशाब करते समय जलन होना ब्लैडर या किडनी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं.
अन्य महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत
- बिना कोशिश किए वजन कम होना- बिना डाइटिंग के अचानक 4-5 किलो या उससे अधिक वजन गिरना चिंता का विषय हो सकता है.
- अत्यधिक थकान- भरपूर नींद के बाद भी गंभीर थकान महसूस होना.
- त्वचा में बदलाव- शरीर पर मौजूद तिल (Mole) का आकार बढ़ना, रंग बदलना या किसी घाव का न भरना.
- लगातार खांसी- लंबे समय तक रहने वाली खांसी या आवाज में भारीपन फेफड़ों या थायराइड कैंसर का संकेत हो सकता है.
निवारण और जांच
नियमित मैमोग्राम और कोलोनोस्कोपी जैसे टेस्ट कैंसर को शुरुआती चरण में पकड़ने में मदद करते हैं. कैंसर के कई लक्षण अन्य बीमारियों जैसे आईबीएस (IBS) या संक्रमण से मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए घबराने के बजाय डॉक्टर से सही निदान (Diagnosis) करवाना सबसे बेहतर है.


