नई दिल्ली: एक अध्ययन के अनुसार, प्राकृतिक रोशनी मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज वाले लोग अपने ब्लड शुगर को बेहतर नियंत्रण में रख सकते हैं।

स्विट्जरलैंड की जिनेवा यूनिवर्सिटी (UNIGE) और नीदरलैंड्स की मास्ट्रिच यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अधिक समय प्राकृतिक रोशनी में बिताते थे, उनका ब्लड ग्लूकोज लंबे समय तक सामान्य सीमा में रहता था और उसमें उतार-चढ़ाव कम होता था।

साथ ही, उनके मेलाटोनिन स्तर—जो नींद के लिए जिम्मेदार हार्मोन है—शाम को थोड़ा अधिक थे और फैट ऑक्सीडेटिव मेटाबॉलिज्म भी बेहतर हुआ। यह अध्ययन Cell Metabolism जर्नल में प्रकाशित हुआ और डायबिटीज़ पर प्राकृतिक रोशनी के लाभ का पहला वैज्ञानिक प्रमाण प्रदान करता है।

UNIGE की एसोसिएट प्रोफेसर चार्ना डिबनेर ने कहा, “यह पहले से जाना जाता है कि सर्कैडियन रिदम में गड़बड़ी मेटाबॉलिक विकारों में बड़ी भूमिका निभाती है। यह पश्चिमी आबादी के बढ़ते हिस्से को प्रभावित करता है।”

अध्ययन में 65 साल और उससे ऊपर उम्र के 13 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज़ थी। उन्होंने 4.5 दिन विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वातावरण में बिताए, जहां बड़ी खिड़कियों के माध्यम से प्राकृतिक या कृत्रिम रोशनी मिल रही थी। चार हफ्ते के ब्रेक के बाद वे दूसरी सत्र में दूसरी रोशनी वाले माहौल में लौटे।

शरीर में मेटाबॉलिज्म में हुए सकारात्मक बदलावों को समझने के लिए शोधकर्ताओं ने हर लाइट एक्सपोज़र से पहले, दौरान और बाद में रक्त और मांसपेशियों के नमूने लिए। इसके अलावा, कल्चर्ड स्केलेटल मसल सेल्स में मॉलिक्यूलर क्लॉक के रेगुलेशन का विश्लेषण किया गया।

कुल मिलाकर परिणाम दिखाते हैं कि प्राकृतिक रोशनी हमारे आंतरिक जैविक घड़ी और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है।

डिबनेर ने बताया, “यह बेहतर ब्लड शुगर नियंत्रण और मस्तिष्क की केंद्रीय घड़ी और अंगों की घड़ियों के बीच बेहतर समन्वय का कारण हो सकता है।” (With inputs from IANS)

IANSmetabolic healthmelatoninskeletal muscle

Topic:

प्राकृतिक रोशनी से मधुमेह में ब्लड शुगर कंट्रोल बेहतर होता है।
Khushi Chittoria
Khushi Chittoria

Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.