डॉक्टर से जानें, क्या होते हैं सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण, इग्नोर करने की गलती ना करें

सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, जो गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स (Cervix) में विकसित होता है। भारत में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन समय रहते इसके लक्षणों को पहचानकर इसे काफी हद तक रोका और ठीक किया जा सकता है। समस्या यह है कि शुरुआती चरण में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जिन्हें महिलाएं अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं।
क्या कहते हैं एक्स्पर्ट
मुंबई के नारायणा हेल्थ एसआरसीसी हॉस्पिटल की डॉक्टर कीर्ति हेगड़े बताती हैं,
सर्वाइकल कैंसर अक्सर अपने शुरुआती चरणों में हल्के या अनदेखे रहने वाले लक्षणों के साथ प्रकट होता है, इसलिए जागरूकता बहुत महत्वपूर्ण है। कई महिलाएं इन संकेतों को मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे निदान और उपचार में देरी हो सकती है।
शुरुआती लक्षण ये हो सकते हैं:
- असामान्य योनि से रक्तस्राव (पीरियड्स के बीच या रजोनिवृत्ति के बाद)
- संभोग के बाद रक्तस्राव
- लगातार पेल्विक दर्द या असहजता
- बदबूदार असामान्य योनि स्राव
- संभोग के दौरान दर्द
नियमित जांच, जैसे पैप स्मीयर और एचपीवी परीक्षण के माध्यम से प्रारंभिक पहचान, उपचार के परिणामों में काफी सुधार कर सकते हैं। लक्षणों के पहले संकेत पर समय पर चिकित्सीय सलाह लेना जटिलताओं को रोकने और बेहतर स्वास्थ्य व रिकवरी सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है।
कैसे करें बचाव?
HPV वैक्सीन लगवाएं: यह वैक्सीन कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करती है।
नियमित पैप स्मीयर टेस्ट: यह टेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों का पता लगाने में मदद करता है।
सुरक्षित यौन संबंध: कंडोम का इस्तेमाल करें और पार्टनर की संख्या सीमित रखें।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर ऊपर बताए गए किसी भी लक्षण का अनुभव हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शुरुआती चरण में इलाज आसान और सफल होता है, लेकिन देर करने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।


