डेंगू का बुरा असर लिवर के साथ-साथ लंग्स, बोन मैरो और हार्ट पर भी इसका नेगेटिव असर पड़ता है।

यह बात हम सभी जानते हैं कि एडीज नाम के मच्छर के काटने के कारण डेंगू जैसी गंभीर और वायरल बीमारी है। डेंगू होने पर मरीजों में अचानक बुखार, सिरदर्द, आंखों में दर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, मतली जैसे कई लक्षण नजर आते हैं। आमतौर पर डेंगू से सबसे ज्यादा लिवर प्रभावित होता है।

यही कारण है कि ज्यादतार लोग अपने लिवर को ध्यान में रखते हुए डाइट फॉलो करते हैं। असल बात ये है कि डेंगू एक सिस्टेमिक वायरल इंफेक्शन है, जो कि पूरे शरीर पर असर डालता है। मच्छर द्वारा फैलाया जाने वाला यह इंफेक्शन शरीर की गंभीर समस्या का कारण बनता है। बहरहाल, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर डेंगू से लिवर के अलावा, कौन-कौन से ऑर्गन प्रभावित होते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने डॉक्टर से बात की।

डेंगू का शरीर के अन्य ऑर्गन पर असर

किडनी पर असर

आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि डेंगू की वजह से किडनी पर भी नेगेटिव असर पड़ सकता है। यहां तक कि डेंगू की वजह से एक्यूट किडनी इंजुरी हो सकती है। दरअसल, जब किसी को डेंगू होता है, तो मरीज को लगातार उल्टी और मतली की समस्या हो जाती है। ऐसे में बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है, जिसकी वजह से बॉडी में ब्लड फ्लो बाधित होता है। यह स्थिति किडनी के लिए सही नहीं है।

हार्ट पर असर

डेंगू किडनी और लिवर के अलावा हार्ट को भी डैमेज कर सकता है। इस संबंध में एनसीबीआई की एक रिपोर्ट कहती है कि डेंगू होने की वजह से हार्ट मसल्स में इंफ्लेमेशन होने लगता है। इस स्थिति में अनियमित हार्ट बीट, हार्ट फेलियर और कार्डियोजेनिक शॉक जैसी कई स्थिति पैदा हो सकती है। ध्यान रखें कि डेंगू की वजह से हार्ट को पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है और ब्लड वेसल्स के कमजोर होने के कारण हार्ट से संबंधित कई समस्याएं खड़ी हो जाती हैं।

लंग्स पर असर

जब डेंगू के मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है, तब इसका नेगेटिव असर लंग्स पर भी देखने को मिलता है। डेंगू के कई मरीजों को एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम और पल्मनरी एडिमा हो जाता है। ऐसा तब होता है, जब डेंगूकी वजह से लंग्स में फ्लूइड जमा हो जाता है, जिससे मरीज को सांस से संबंधित समस्या हो जाती है। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसलिए, अगर डेंगू गंभीरता की चरम पर पहुंच जाए, तो मरीज को बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बोन मैरो पर असर

डेंगू का बुरा प्रभाव बोन मैरो पर भी पड़ता है। दरअसल, डेंगू के कारण बोन मैरो पर दबाव बनने लगता है, जिससे वह पर्याप्त मात्रा में ब्लड सेल्स प्रोड्यूस नहीं कर पाता है। जब शरीर में व्हाइट या रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है, तो इस स्थिति को ल्यूकोपीनिया कहा जाता है। ऐसे में मरीज को बहुत तेज बुखार, ठंड लगना, गले में इंफेक्शन जैसी कई समस्याएं बढ़ जाती हैं।

डेंगू होने पर क्या करें?

पिछले दिनों आपने देखा होगा कि देश के कई हिस्सों में डेंगू के मामले काफी बढ़े हैं। इसमें पंजाब और राजस्थान जैसे कई शहर मौजूद हैं। आश्चर्य की बात तो ये है कि डेंगू के मरीजों की रिकवरी काफी धीमी हो रही है। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि देश के कई शहरों में एक्यूआई बहुत खराब है।

इसकी वजह से डेंगू के मरीजों की रिकवरी बहुत धीमी हो रही है, क्योंकि खराब एक्यूआई की वजह से दवा प्रभावशाली तरीके से कमा नहीं कर रही है। ऐसे में डॉक्टर सलाह देते हैं कि डेंगू के हर मरीज अपने घर में एयर प्यूरिफायर का यूज करें और जब भी डॉक्टर के पास विजिट करने जाएं, एन99 और एन95 मास्क का यूज करें। साथ ही, डॉक्टर की दी हुई हर दवा समय पर लें। अपनी इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग करने के लिए नेचुरल सप्लीमेंट्स का यूज करें।

डेंगू से बचाव के टिप्स

• अपने घर के आगे पानी जमा न होने दें।

• घर में पानी का बर्तन ढक कर रखें।

• घर के आसपास जंक मैटीरियल जमा न होने दें।

• घर में रहते हुए मस्कीटो रेप्लेंट का यूज करें।

• घर से बाहर जाएं, तो खदु को पूरा कवर करके रखें।

निष्कर्ष

निश्चित रूप से डेंगू एक घातक बीमारी है। इसकी अनदेखी करना सही नहीं है। इससे बचाव के लिए आवश्यक है कि डेंगू शरीर के किस-किस ऑर्गन पर प्रभाव डालता है, इसकी जानकारी आपको हो। इस संबंध में उपरोक्त दी गई सभी जानकारी को ध्यान से पढ़ें और इससे बचाव कैसे करना इस पर भी गौर करें। अगर किसी को डेंगू हो गया है, तो वे अपनी सेहत को लेकर जरा भी लापरवाही न करें। खासकर, खराब एक्यूआई है, तो इस संबंध में अपने ट्रीटमेंट को लेकर कॉन्शस रहें।

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Dr Vikram Raut
Dr Vikram Raut

Dr Vikram Raut is a renowned liver transplant surgeon with extensive experience in both living and deceased donor transplants. He has cumulative experience of over 1200 liver transplants. Dr Vikram Raut is a highly skilled liver transplant surgeon with expertise in living-donor liver transplantation, having performed over 600 donor surgeries. He has trained at prestigious institutions globally and is known for his innovative approach to liver transplantation, including successful ABO-incompatible transplants. Dr. Vikram Raut is a compassionate and dedicated liver transplant surgeon committed to providing high-quality care to all patients. He has established an affordable pediatric liver transplant unit, ensuring access to this life-saving surgery for children from all socioeconomic backgrounds. Dr Vikram Raut is a leading liver transplant surgeon with a strong academic background. He has published 40 articles in international journals and over 40 presentations in the international transplant platforms.