खसरे से मौतें 2000 से 88% कम, लेकिन 2024 में मामले फिर से बढ़े — WHO ने जारी की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 28 नवंबर 2025 को जारी अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बताया है कि 2000 से 2024 के बीच खसरे (Measles) से होने वाली मौतों में लगभग 88 प्रतिशत गिरावट आई है। इस दौरान खसरे की वैक्सीन और नियमित टीकाकरण अभियानों ने करीब 59 मिलियन (5.9 करोड़) जानें बचाई हैं।
यह एक बड़ी कामयाबी रही है — क्योंकि पहले, यानी 2000 में, खसरा हर साल लाखों बच्चों और बड़ों की जान ले जाता था। अब, वैक्सीन, उसकी पहुंच और जागरूकता की बदौलत, मौतों की संख्या बहुत कम हो चुकी है।
लेकिन इस सफलता के बीच एक चिंता-की बात यह है कि 2024 में खसरे के मामलों में फिर से इज़ाफा हुआ है। WHO का अनुमान है कि दुनियाभर में करीब 11 लाख (11 million) खसरे के नए संक्रमण दर्ज हुए — जो कि 2019 (कोविड महामारी से पहले) के मुक़ाबले करीब 8 % ज़्यादा है।
इसका मुख्य कारण वैक्सीनेशन कवरेज में गिरावट और टीकाकरण का समय पर न होना है। 2024 में WHO के अनुसार, बच्चों में पहली खसरा खुराक लेने का आंकड़ा 84 प्रतिशत था, जबकि दूसरी खुराक का आंकड़ा और भी कम था। लेकिन खसरे जैसी बेहद संक्रामक बीमारी से बचाव के लिए कम-से-कम 95 प्रतिशत दो-खुराक कवरेज ज़रूरी है।
रिपोर्ट में ये भी चेतावनी दी गई है कि जब वैक्सीनेशन कवरेज गिरती है, तो खसरा बहुत तेजी से फिर फैल सकता है। खसरा ऐसा वायरस है जो हवा के ज़रिए, खांसने या छींकने के माध्यम से सेकेंडों में एक व्यक्ति से दूसरे में जा सकता है।
नतीजतन, 2024 में लगभग 95,000 मौतें हुईं — अधिकतर पाँच साल से कम उम्र के बच्चों में। हालांकि यह संख्या 2000 के मुक़ाबले बहुत कम है, फिर भी हर एक मौत — एक ऐसी बीमारी से जिससे बचाव आसान और सस्ता है — अहम है।
हमें क्या करना चाहिए
- समय पर और पूरी खुराक लेना — बच्चों और अगर ज़रूरत हो तो वयस्कों के लिए भी।
- सरकारों व स्वास्थ्य सिस्टम को मजबूत करना ताकि हर बच्चा कवर हो सके।
- जागरूकता बढ़ाना, मिथकों व गलतफहमियों से बचना — क्योंकि टीकाकरण ही बचाव है।
- अगर आपने अपना टीका नहीं लिया है, या पता नहीं — तो परिवार सहित डॉक्टर से संपर्क करें।
खसरा बहुत तेजी से फैलने वाली और खतरनाक बीमारी है। अच्छी बात यह है कि इससे बचाव के लिए हमारे पास सुरक्षित और सस्ती वैक्सीन मौजूद है। इसलिए हर बच्चे का समय पर टीकाकरण करना बहुत ज़रूरी है — यही हमारी जिम्मेदारी भी है। इसी वजह से हमें टीकाकरण को सबसे ऊपर रखना चाहिए, ताकि खसरे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।


