मुंबई: आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में लोग अक्सर बिना सोचे-समझे ऐसी चीजों का सेवन करने लगते हैं, जिनमें अम्लीय तत्व यानी एसिड की मात्रा अधिक होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इन अत्यधिक अम्लीय खाद्य पदार्थों का सबसे पहला और सीधा असर हमारे दांतों पर पड़ता है।

दांतों की बाहरी और सुरक्षात्मक परत, जिसे इनेमल कहा जाता है, दांतों को मजबूती प्रदान करने के साथ उन्हें बाहरी नुकसान से बचाती है। जब यह परत धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है, तो दांतों में संवेदनशीलता, दर्द और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

हालांकि दांतों का इनेमल शरीर की सबसे मजबूत संरचनाओं में से एक माना जाता है, लेकिन लगातार एसिड के संपर्क में रहने से यह घिसने लगता है। अधिक अम्लीय खाद्य पदार्थ इनेमल को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से महसूस नहीं होते, लेकिन समय के साथ दांतों की सतह खुरदुरी होने लगती है। इसके बाद ठंडी, गर्म या मीठी चीजें खाने पर झनझनाहट महसूस होने लगती है।

इनेमल के कमजोर होने से बैक्टीरिया को दांतों की सतह पर जमने का अवसर मिलता है, जिससे कैविटी और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।

फल और सब्जियां संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, खासकर विटामिन-सी से भरपूर फल, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। संतरा, अंगूर, अनार और स्ट्रॉबेरी जैसे फल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं, लेकिन इनमें प्राकृतिक एसिड की मात्रा अधिक होने के कारण इनके सेवन में संतुलन जरूरी है। किसी भी खाद्य पदार्थ की अम्लीयता को उसके पीएच स्तर से मापा जाता है, और जिन खाद्य पदार्थों का पीएच मान 7 से कम होता है, उन्हें अम्लीय माना जाता है।

सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि सोडा, कोल्ड ड्रिंक, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक जैसे पेय पदार्थ भी दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनमें मौजूद एसिड और शुगर का संयोजन दांतों की सुरक्षात्मक परत को धीरे-धीरे कमजोर करता है, जिससे दांतों में दर्द और संवेदनशीलता की समस्या बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर दांतों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। खट्टे फल या नींबू का सीधे सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे एसिड सीधे इनेमल को प्रभावित करता है। खट्टा या अम्लीय भोजन करने के बाद पानी से कुल्ला करना मुंह के एसिड स्तर को संतुलित करने में मदद करता है। साथ ही, फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का नियमित उपयोग दांतों के इनेमल को मजबूत बनाए रखने और उन्हें क्षरण से बचाने में प्रभावी साबित होता है। (With inputs from IANS)

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गलत रोज़ाना आदतें दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाती हैं, सही देखभाल से बचाव संभव है।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.