रात को बिस्तर पर लेटते ही दिमाग़ दौड़ने लगता है, पंखे की आवाज़ और मोबाइल की रोशनी में नींद कहीं ग़ायब हो जाती है। यह सिर्फ देर तक जागने की समस्या नहीं है, बल्कि आज के तेज़ जीवन की सबसे आम लेकिन अनदेखी स्वास्थ्य चुनौती है: Insomnia या नींद न आना।

“नींद सिर्फ आराम नहीं, यह आपके शरीर और दिमाग़ का रीसेट बटन है। बिना सही नींद के दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।” – विशेषज्ञ

नींद न आने के आम कारण

  • तनाव और चिंता: काम, पढ़ाई या व्यक्तिगत तनाव नींद में बाधा डालते हैं।
  • स्क्रीन टाइम: रात को मोबाइल या लैपटॉप पर समय बिताना नींद को प्रभावित करता है।
  • अनियमित दिनचर्या: सोने और जागने का समय बदलते रहना शरीर की घड़ी बिगाड़ देता है।
  • भोजन और आदतें: रात में भारी भोजन या कैफीन का सेवन नींद को रोकता है।

नींद न आने के असर

  • लगातार थकान और सुस्ती
  • मूड में चिड़चिड़ापन और ध्यान में कमी
  • त्वचा और इम्युनिटी पर नकारात्मक असर
  • लंबे समय में दिल और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान

आसान और असरदार उपाय

  • रोज़ाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं।
  • सोने से 1 घंटा पहले स्क्रीन बंद करें और रिलैक्सिंग एक्टिविटी करें।
  • हल्की साँस लेने की एक्सरसाइज या योग अपनाएं।
  • रात में कैफीन और भारी भोजन से बचें।
  • कम रोशनी और शांत माहौल में सोएं।
  • दिन में अगर संभव हो, छोटी 20–30 मिनट की नींद लें।

“छोटी-छोटी आदतें बदल सकती हैं आपकी नींद और पूरे जीवन की गुणवत्ता। नींद को नजरअंदाज करना, स्वास्थ्य की बड़ी समस्या बन सकती है।”

कब डॉक्टर से मदद लें

  • हर रात 30+ मिनट तक नींद न आए
  • लगातार करवटें बदलनी पड़ें
  • दिन में थकान, चिड़चिड़ापन या ध्यान की कमी महसूस हो

नींद सिर्फ शरीर के आराम का माध्यम नहीं है, यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। सही समय पर सोना, तनाव कम करना और जीवनशैली में सुधार से आप अपने स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता दोनों बढ़ा सकते हैं।

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Deshbandhu Singh is the Senior Managing Editor at Medical Dialogues and Health Dialogues with about three decades of experience in both print and digital journalism. Previously, he has held editorial leadership roles at NDTV (Head of Digital Content Strategy and Senior Executive Editor), India Today Group Digital, Hindustan Times, Times Internet, and Sahara India. He is known for his expertise in digital content strategy, newsroom operations, and the launch of leading web and mobile platforms in Indian media.