नई दिल्ली: गर्मियों के मौसम में शरीर के साथ-साथ त्वचा की देखभाल भी बेहद जरूरी हो जाती है। सर्दियों के मुकाबले इस मौसम में स्किन को अधिक सुरक्षा और देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि इसे कई बाहरी कारकों से बचाना पड़ता है।

तेज धूप और पसीने की वजह से त्वचा मुरझा जाती है और चेहरे पर मुहांसे और एक्ने भी परेशान करने लगते हैं। ऐसे में आयुर्वेद में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है, जिनके इस्तेमाल से त्वचा निखर उठती है। पहला है नीम।

नीम एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी है, जिसके इस्तेमाल से रक्त की शुद्धि और चेहरे का निखार वापस पाया जा सकता है। अगर गर्मियों में पिंपल और एक्ने की समस्या परेशान कर रही है, तो नीम के पत्तों को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर लगाया जा सकता है।

दूसरा है मंजिष्ठा। मंजिष्ठा को भी आयुर्वेद में रक्त को शुद्ध करने वाली जड़ी बूटी माना जाता है। चेहरे के टोन को सही करने के लिए मंजिष्ठा का सेवन किया जा सकता है। इसके साथ ही मंजिष्ठा का इस्तेमाल फेस-पैक के रूप में भी किया जा सकता है।

तीसरा है हल्दी। हल्दी सभी के घरों में आसानी से मिल जाती है और इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो चेहरे की सुंदरता को निखारने और दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाने में भी मदद करती है। इसके लिए मुल्तानी मिट्टी और चंदन के साथ चुटकी भर हल्दी मिलाकर लगा सकते हैं। यह चेहरे को ठंडक देने का काम भी करेगा।

चौथा है चंदन। चंदन में शीतलता के गुण होते हैं, जो गर्मियों में त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं और गर्मी में त्वचा पर पड़ने वाली धूप के साइड इफेक्ट्स को भी कम करते हैं।

पांचवा और आखिरी है, मुलेठी। मुलेठी सिर्फ सर्दी-जुकाम और खांसी को कम करने में ही कारगर नहीं है, बल्कि इसका त्वचा संबंधित रोगों में भी सदियों से इस्तेमाल होता आया है। इसके लेपन से डार्क स्पॉट कम होते हैं और टेनिंग से भी छुटकारा मिलता है। अगर आप गर्मियों में इन फेस पैक्स का इस्तेमाल करते हैं, तो चेहरे से जुड़ी हर तरह की परेशानी से निजात पाया जा सकता है। (With inputs from IANS)

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गर्मियों में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के इस्तेमाल से त्वचा में निखार आता है और दाग-धब्बे भी कम होते हैं।
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