नई दिल्ली: आधुनिक जीवनशैली, तनाव, गलत खान-पान और रसायन युक्त उत्पादों के उपयोग से बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में जटामांसी एक प्राकृतिक और प्रभावशाली समाधान के रूप में सामने आती है। यह बालों की जड़ों को पोषण देती है, उन्हें मजबूत बनाती है और धीरे-धीरे हेयर फॉल को कम करने में मदद करती है।

जटामांसी हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाली एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसकी जड़ों में औषधीय गुण प्राचीन काल से पहचाने गए हैं। इसे बालों के झड़ने, रूसी और कमजोर बालों के इलाज में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है।

इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह स्कैल्प में रक्त संचार को बेहतर बनाती है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से बालों के रोमछिद्र तक जरूरी पोषक तत्व पहुँचते हैं, जिससे नए बालों की वृद्धि तेज होती है। इसके साथ ही जटामांसी वात दोष को संतुलित करती है, जिसे आयुर्वेद में बालों के झड़ने का मुख्य कारण माना गया है। नियमित उपयोग से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और टूटने की संभावना कम होती है।

रूसी, खुजली और स्कैल्प की जलन जैसी समस्याओं में भी जटामांसी लाभकारी है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-फंगल गुण स्कैल्प को शांत करते हैं और रूसी की समस्या को धीरे-धीरे कम करते हैं। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट्स बालों को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं, जिससे समय से पहले बालों का सफेद होना धीमा होता है। यह बालों के तंतुओं को मजबूत बनाता है, दोमुंहे बाल कम करता है और प्राकृतिक चमक लौटाता है।

जटामांसी का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे नारियल या तिल के तेल में मिलाकर हफ्ते में दो-तीन बार स्कैल्प की मालिश करने से बाल मजबूत और स्वस्थ रहते हैं। जटामांसी पाउडर को दही या पानी में मिलाकर हेयर मास्क के रूप में भी लगाया जा सकता है।

हालांकि, इसका अत्यधिक या गलत उपयोग हानिकारक हो सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में और आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से ही इस्तेमाल करना चाहिए। (With inputs from IANS)

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जटामांसी: आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी जो बालों के झड़ने को रोकती है और नए बालों की वृद्धि में मदद करती है।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.