नई दिल्ली: आज की तेज़-तर्रार और व्यस्त जीवनशैली में बालों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, जिनमें सबसे आम और परेशान करने वाली समस्या है बालों का चिपचिपा और अत्यधिक ऑयली होना। कई लोगों को सुबह उठते ही ऐसा लगता है कि उनके बालों पर तेल लगाया गया हो, जबकि दिनभर पसीना, धूल और धुएं के कारण बाल और भी चिपचिपे हो जाते हैं। यह केवल लुक को खराब नहीं करता, बल्कि बालों की मजबूती को भी प्रभावित करता है और उन्हें कमजोर, भारी और बेजान बना देता है।

आयुर्वेद के अनुसार, शरीर में कफ दोष बढ़ने से स्कैल्प में अतिरिक्त तेल बनता है। यही कफ दोष बालों को तैलीय और चिपचिपा बनाता है। विज्ञान भी बताता है कि सिर की त्वचा में मौजूद सेबेशियस ग्रंथियां जरूरत से ज्यादा तेल (सीबम) बनाती हैं।

सामान्य मात्रा में यह तेल बालों के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है, तो बालों की समस्या शुरू हो जाती है। गर्मी और पसीना इस समस्या को और बढ़ाते हैं, क्योंकि स्कैल्प पर पसीना और तेल मिलकर एक परत बना देते हैं, जिससे बाल चिपकने लगते हैं।

बार-बार शैंपू करना भी नुकसानदेह हो सकता है क्योंकि इससे स्कैल्प की नमी कम हो जाती है। साथ ही, तला-भुना और जंक फूड खाने से भी कफ और शरीर की अंदरूनी गर्मी बढ़ती है, जो सीधे बालों और स्कैल्प पर असर डालती है।

समस्या का समाधान प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों में निहित है। रीठा और शिकाकाई का उपयोग सदियों से बालों की सफाई और तेल संतुलन के लिए किया जाता रहा है। ये बालों को नुकसान पहुंचाए बिना अतिरिक्त तेल हटाते हैं और स्कैल्प को सांस लेने का अवसर देते हैं।

एलोवेरा जेल लगाने से स्कैल्प की गर्मी और जलन कम होती है और तेल का संतुलन बना रहता है। मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखती है और स्कैल्प को गहराई से साफ करती है। इसमें नींबू का रस मिलाने से तेल नियंत्रण और बढ़ जाता है।

नीम के पानी से बाल धोने से स्कैल्प पर मौजूद बैक्टीरिया और गंदगी हटती है, जिससे न सिर्फ चिपचिपापन कम होता है बल्कि डैंड्रफ और खुजली जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।

इन प्राकृतिक उपायों के नियमित उपयोग से बाल हल्के, मुलायम और कम ऑयली बनते हैं, साथ ही स्कैल्प स्वस्थ रहता है और बालों की मजबूती बढ़ती है। इस तरह के उपाय न केवल बालों की समस्याओं को कम करते हैं, बल्कि लंबे समय तक बालों की ताजगी और सुंदरता बनाए रखने में भी सहायक होते हैं।

सही खान-पान, नियमित सफाई और प्राकृतिक उपायों के संयोजन से चिपचिपे और ऑयली बालों की समस्या को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। (With inputs from IANS)

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चिपचिपे और तैलीय बालों की समस्या दूर करने के लिए रीठा, शिकाकाई और नीम जैसे प्राकृतिक उपाय कारगर हैं।
Dr. Bhumika Maikhuri
Dr. Bhumika Maikhuri

Dr Bhumika Maikhuri is a Consultant Orthodontist at Sanjeevan Hospital, Delhi. She is also working as a Correspondent and a Medical Writer at Medical Dialogues. She completed her BDS from Dr D Y patil dental college and MDS from Kalinga institute of dental sciences. Apart from dentistry, she has a strong research and scientific writing acumen. At Medical Dialogues, She focusses on medical news, dental news, dental FAQ and medical writing etc.