सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, नाक बंद होना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। कड़ाके की ठंड और बढ़ते प्रदूषण से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में भाप लेना एक आसान और असरदार घरेलू उपाय है। गर्म भाप न सिर्फ इन लक्षणों से राहत देती है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाती है। दादी-नानी के जमाने का यह पुराना नुस्खा आज भी उतना ही कारगर है।

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भाप लेने या वेपर थेरेपी को एक प्रभावी घरेलू उपाय मानता है। यह सांस की नली, फेफड़ों, आंखों और पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। हल्की भाप थेरेपी को आराम देने वाला बताया गया है, खासकर जरूरत पड़ने पर। भाप लेने से नाक और साइनस की रुकावट दूर होती है। गर्म भाप बलगम को पतला करती है, जिससे खांसी और गले की खराश में राहत मिलती है।

आंखों के लिए भी भाप फायदेमंद है

खास बात है कि आयुर्वेदाचार्य सादा पानी के साथ पुदीना, अजवाइन या तुलसी की पत्तियां डालकर भाप लेने की सलाह देते हैं। इससे श्वसन तंत्र मजबूत होता है और इम्यूनिटी बढ़ती है। फेफड़ों में जमा कफ बाहर निकलता है, सांस लेना आसान हो जाता है। आंखों के लिए भी भाप फायदेमंद है। आयुर्वेद में आंखों को आराम देने के लिए हल्की वेपर थेरेपी का जिक्र है। सर्दी या प्रदूषण से जलन वाली आंखों में भाप से राहत मिलती है। यह आंखों की नमी बनाए रखती है और थकान दूर करती है।

पूरे शरीर पर भाप का असर सकारात्मक है। यह त्वचा को हाइड्रेट करती है, मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और तनाव कम करती है। यह प्राकृतिक तरीके से शरीर की सफाई करता है। हालांकि, भाप लेते समय कुछ सावधानियां जरूरी हैं। पानी बहुत गर्म न हो, वरना जलने का खतरा रहता है।

एक्सपर्ट के अनुसार भाप 15 - 20 मिनट से ज्यादा न लें। अगर कोई गंभीर बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लें। भाप लेकर सीधे खुली हवा में जाना नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में सावधानी जरूरी है।

With input from IANS

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सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम, नाक बंद होना और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में भाप लेना एक आसान और असरदार घरेलू उपाय है.
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.