दवाइयों और बैलेंस डाइट के बावजूद हीमोग्लोबिन क्यों नहीं बढ़ता? जानिए कारण और सॉल्यूशन

शरीर में हीमोग्लोबिन कम होना साधारण लेकिन घातक परेशानी है. बच्चों से लेकर गर्भवती महिलाओं में रक्त की कमी सबसे ज्यादा देखी जाती है. रक्त की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सक आयरन की गोली खाने की सलाह देते हैं, लेकिन कई बार दवा लेने के बाद भी हीमोग्लोबिन की मात्रा नहीं बढ़ती है, क्योंकि सेवन का तरीका गलत हो सकता है. आयुर्वेद में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के कई तरीके बताए गए हैं, लेकिन कुछ आदतों की वजह से आयरन की कमी शरीर में बनी रहती है और दवा व उपाय भी असर नहीं करते हैं, जैसे अत्याधिक चाय या कॉफी का सेवन करना, पेट से जुड़ी परेशानी होना, गलत आहार के साथ दवा का सेवन करना, आयरन युक्त आहार से परहेज करना, पूरी नींद ना लेना और हर वक्त तनाव में बने रहना. इन सभी कारणों से हीमोग्लोबिन प्रभावित होता है और शरीर धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है.
समझें सही आहार, इस तरह से बढ़ेगा आपके शरीर में खून
- रोजाना चुकंदर का सेवन हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में मददगार होता है.
- इसके लिए चुकंदर के रस से लेकर चुकंदर की रोटियां और सलाद में चुकंदर लेना लाभकारी होगा.
- इसके अलावा, अनार का सेवन भी हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन अनार का सही तरीके से सेवन करना जरूरी है.
- ज्यादातर लोग अनार को जूस के रूप में पीते हैं, लेकिन अनार को खाना ही हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, जबकि अनार का जूस ब्लड में सुगर को बढ़ाता है.
- काले तिल और गुड़ का सेवन हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है.
- काले तिल और गुड़ में भरपूर मात्रा में आयरन होता है, और गुड़ में कैल्शियम और आयरन दोनों मिल जाते हैं.
- सेवन के लिए तिल और गुड़ के लड्डू बना सकते हैं.
इसके अलावा, खजूर और किशमिश दोनों ही हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाने में सहायक हैं. ये थकान और कमजोरी को भी दूर करते हैं. इन दोनों का सेवन सुबह के समय करना चाहिए और सेवन से पहले रात के समय भिगो देना चाहिए। भिगोने से किशमिश के गुण बढ़ जाते हैं. अब सवाल है कि क्या न करें. हीमोग्लोबिन कम होने पर चाय, कॉफी, और डिब्बाबंद चीजों से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा, पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। अगर नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में कोशिकाओं को खुद को रिकवर करने का समय नहीं मिल पाता है. ऐसे में शरीर थका हुआ और कमजोर महसूस करता है. ध्यान रखें कि आयरन के अवशोषण के लिए शरीर में विटामिन सी की मात्रा भी अधिक होनी चाहिए। इसके लिए आहार में खट्टी चीजें जरूर शामिल करें.
With the input from IANS


