अंडाशय (ओवरी) की क्रियाशीलता में समय से पहले गिरावट के कारण 45 साल से पहले महिलाओं में रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) होने लगी है। उम्र आमतौर पर पचास के शुरुआती दशक में होती है, लेकिन अब महिलाएं चालीस साल की उम्र में और कुछ मामलों में उससे पहले ही मेनोपॉज़ का अनुभव कर रही हैं।

यह केवल उम्र का मामला नहीं है, क्योंकि समय से पहले अंडाशय की कार्यक्षमता खोने से हृदय और हड्डियों की समस्या, प्रजनन क्षमता में कमी और मूड स्विंग जैसी चुनौतियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

“अर्ली” मेनोपॉज़ क्या है और यह कितनी आम है?

अर्ली मेनोपॉज़ वह होती है जो 45 साल की उम्र से पहले शुरू हो जाए। यदि यह 40 साल से पहले हो तो इसे प्रीमैच्योर ओवरीअन इन्सफिशियेंसी (POI) कहा जाता है। आंकड़े बताते हैं कि लगभग 5-10% महिलाओं में 45 साल की उम्र से पहले मेनोपॉज़ होती है, जबकि 1-3% महिलाओं में यह 40 साल की उम्र से पहले होती है।

मुख्य कारण: जीन, मेडिकल ट्रीटमेंट और ऑटोइम्यून रोग

जैविक कारण अर्ली मेनोपॉज़ का बड़ा हिस्सा बनाते हैं। परिवार में इतिहास महत्वपूर्ण है—यदि माता जी को समय से पहले मेनोपॉज़ हुई थी तो संभावना बढ़ जाती है। कुछ जीन और क्रोमोसोम संबंधी समस्याएं भी इसका कारण हो सकती हैं।

इसके अलावा, कुछ चिकित्सकीय कारण जैसे पेल्विक सर्जरी (अंडाशय हटाना), कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और कुछ दवाइयाँ तेजी से अंडाशय विफलता पैदा कर सकती हैं। ऑटोइम्यून रोग, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली अंडाशय को नुकसान पहुँचाती है, भी इसके कारण हो सकते हैं।

जीवनशैली और पर्यावरणीय कारण

धूम्रपान अर्ली मेनोपॉज़ का सबसे प्रमुख जोखिम कारक है। यह अंडाशय की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज करता है। इसके अलावा, बचपन में बहुत कम वजन और कुछ संक्रमण भी जोखिम बढ़ाते हैं। हाल की अध्ययन यह भी देख रहे हैं कि पर्यावरणीय और सामाजिक कारण जैसे लगातार तनाव या गरीबी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

क्या औसत उम्र घट रही है?

अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निष्कर्ष नहीं है। कुछ क्षेत्रों में मामूली बदलाव दिखे हैं, जबकि अन्य में स्थिरता बनी हुई है। अध्ययन डिजाइन, रिपोर्टिंग में अंतर और प्रसव संबंधी रुझान में बदलाव इसके कारण हो सकते हैं। व्यक्तिगत स्तर पर, धूम्रपान, खराब मेटाबॉलिज़्म और बचपन का तनाव अर्ली मेनोपॉज़ के मामलों को बढ़ा रहे हैं।

अर्ली मेनोपॉज़ क्यों महत्वपूर्ण है?

अंडाशय हार्मोन की समय से पहले कमी से हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस), हृदय रोग, मानसिक बदलाव और मूड डिसऑर्डर का खतरा बढ़ जाता है। प्रजनन अवधि कम हो जाती है और कई महिलाएं अप्रत्याशित भावनात्मक और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करती हैं। उचित स्थिति में हार्मोन थेरेपी दीर्घकालिक जोखिम को कम कर सकती है।

महिलाएं क्या कर सकती हैं? – व्यावहारिक कदम

  • परिवार का इतिहास जानें – शुरुआती संकेत मिल सकते हैं।
  • धूम्रपान से बचें – यह सबसे आसान और प्रभावशाली जोखिम घटाने का तरीका है।
  • प्रजनन योजना बनाएं – जरूरत हो तो अंडाणु फ्रीज़िंग या पहले परिवार योजना पर विचार करें।
  • जांच और उपचार जल्द करें – यदि पीरियड अनियमित हो जाए, तो रक्त जांच और हार्मोन थेरेपी पर विचार करें।

अंतिम सुझाव

अर्ली मेनोपॉज़ अचानक हो सकती है और अकेलापन महसूस करा सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके कई कारण पहचाने जा सकते हैं और इसके कुछ प्रभाव आसानी से रोके जा सकते हैं। जागरूक रहना, डॉक्टर से चर्चा करना और समय पर परीक्षण कराना सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

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अभी भी 45 साल से पहले कई महिलाओं में रजोनिवृत्ति होने लगी है, जिसके पीछे जीवनशैली, तनाव और स्वास्थ्य कारण हैं।
Dr Divya Sahitya Nambala
Dr Divya Sahitya Nambala

Dr Divya is an OBG and Infertility specialist at Nova IVF, Vizag. She performs fertility enhancing surgeries including hysteroscopic and laparoscopic surgeries for ovarian cysts and fibroids. She also does male fertility surgeries TESA, PESA and micro TESE. She also selects and suggests couples who need to undergo PGT. Dr. Divya does evidence-based medicine and is caring and empathetic to couples seeking fertility treatment.