नई दिल्ली: आज के समय में महिलाओं में यूरिन इन्फेक्शन तेजी से आम होता जा रहा है। इसे नजरअंदाज करने पर यह किडनी तक को प्रभावित कर सकता है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान और स्वच्छता की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इसलिए इस समस्या को समझना और समय रहते बचाव के कदम उठाना बेहद जरूरी है।विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार यूरिन इन्फेक्शन होने का सबसे बड़ा कारण शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की कमी है।

महिलाओं के शरीर में एक प्राकृतिक बैक्टीरियल बैलेंस होता है, जो संक्रमण से बचाने में मदद करता है। लेकिन जब यह संतुलन बिगड़ जाता है, तो हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा, कम पानी पीना, लंबे समय तक पेशाब रोकना और पर्सनल हाइजीन का सही ध्यान न रखना भी इस समस्या को बढ़ा देता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या से बचने में प्रोबायोटिक्स काफी मददगार साबित हो सकते हैं। प्रोबायोटिक्स ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं। ये बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट की सुरक्षा को मजबूत करते हैं और हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं। साथ ही, ये शरीर में सूजन को कम करने में भी मदद करते हैं, जिससे जलन और दर्द जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

मेडिकल स्टडीज के अनुसार, प्रोबायोटिक्स शरीर की एपिथीलियल बैरियर को मजबूत बनाते हैं। यह बैरियर बाहरी बैक्टीरिया को शरीर में प्रवेश करने से रोकता है। जब यह सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, तो संक्रमण जल्दी फैलने लगता है। ऐसे में प्रोबायोटिक्स इस बैरियर को मजबूत कर शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा को बढ़ाते हैं।

इसके साथ ही, सही आदतें अपनाकर यूरिन इन्फेक्शन से काफी हद तक बचा जा सकता है। सबसे जरूरी है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, जिससे शरीर के अंदर मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया यूरिन के जरिए बाहर निकलते रहते हैं। इसके अलावा, पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक पेशाब रोकना भी इस समस्या को बढ़ाता है, इसलिए समय-समय पर यूरिन पास करना जरूरी है।

खानपान में भी बदलाव इस समस्या को कम करने में मदद करता है। दही, छाछ और अन्य फर्मेंटेड फूड्स को डाइट में शामिल करने से शरीर में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है। यही कारण है कि डॉक्टर भी नियमित रूप से प्रोबायोटिक फूड लेने की सलाह देते हैं। (With inputs from IANS)

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कुछ आसान आदतें अपनाकर महिलाएं यूरिन इन्फेक्शन के खतरे को कम कर सकती हैं।
Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.