भारतीय संस्कृति में तुलसी को एक पवित्र और औषधीय पौधा माना जाता है। यह केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। अधिकतर भारतीय घरों में आंगन, बालकनी या बगीचे में तुलसी का पौधा लगाया जाता है। तुलसी की कई किस्में होती हैं, जिनमें से एक बेहद खास किस्म है वन तुलसी, जिसे जंगली तुलसी भी कहा जाता है।

वन तुलसी मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाती है और अपने शक्तिशाली औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। आयुर्वेद में इसे एक प्रभावशाली औषधीय पौधे के रूप में स्थान दिया गया है। कई वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, तुलसी का नियमित सेवन शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है। अध्ययनों में यह पाया गया है कि तुलसी डायबिटीज को नियंत्रित करने, हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। सबसे खास बात यह है कि इसके सेवन से किसी गंभीर दुष्प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है।

वन तुलसी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाती है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है और संक्रमण से लड़ने में सहायक होती है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

श्वसन तंत्र के लिए वन तुलसी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह बलगम को बाहर निकालने में मदद करती है और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सर्दी, खांसी और सांस की समस्याओं में राहत देती है। वन तुलसी का काढ़ा या चाय पीने से गले की खराश और जुकाम में आराम मिलता है।

इसके अलावा, वन तुलसी मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और मन को शांत रखती है। आयुर्वेद में इसे एक प्राकृतिक टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर की ऊर्जा बढ़ाने, थकान दूर करने और जीवन शक्ति को बनाए रखने में सहायक है।

वन तुलसी की सुगंध भी काफी तेज होती है, जो प्राकृतिक रूप से मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है और आसपास की हवा को शुद्ध रखती है। यही कारण है कि इसे घर में लगाने से न केवल स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, बल्कि वातावरण भी शुद्ध बना रहता है।

कुल मिलाकर, वन तुलसी एक ऐसा औषधीय पौधा है जो शरीर, मन और वातावरण—तीनों के लिए लाभकारी है। नियमित और सही तरीके से इसका सेवन करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है।

With Inputs From IANS

Kanchan Chaurasiya
Kanchan Chaurasiya

Kanchan Chaurasiya joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Marketing Coordinator. She holds a Bachelor's degree in Arts from Delhi University and has completed certifications in digital marketing. With a strong interest in health news, content creation, hospital updates, and emerging trends, Kanchan manages social media, news coverage, and public relations activities. She coordinates media outreach, creates press releases, promotes healthcare professionals and institutions, and supports health awareness campaigns to ensure accurate, engaging, and timely communication for the medical community and the public.