जिस तरह दिमागी की कमज़ोरी को रोकने के लिए कोई जादुई गोली नहीं है, उसी तरह कोई एक जादुई 'ब्रेन फ़ूड' भी ऐसा नहीं है जो बढ़ती उम्र में आपके दिमाग को तेज रखने की गारंटी दे सके. न्यूट्रिशनिस्ट इस बात पर ज़ोर देते हैं कि सबसे जरूरी तरीका है एक हेल्दी डाइट पैटर्न अपनाना, जिसमें ढेर सारे फल, सब्ज़ियां, दालें और साबुत अनाज शामिल हों. प्रोटीन के लिए पौधों से मिलने वाले स्रोतों और मछली को चुनें, और सैचुरेटेड फ़ैट के बजाय हेल्दी फ़ैट (जैसे ऑलिव ऑयल या कैनोला) को प्राथमिकता दें.

दिमाग के लिए पत्तेदार सब्जियां खाए

रिसर्च से पता चलता है कि दिमाग के लिए सबसे अच्छे फ़ूड वही हैं जो आपके दिल और खून की नसों को भी सुरक्षित रखते हैं. इनमें ये चीज़ें शामिल हैं. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, केल, पालक, कोलार्ड्स और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में दिमाग के लिए जरूरी पोषक तत्व (जैसे विटामिन K, ल्यूटिन, फ़ोलेट और बीटा कैरोटीन) भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. रिसर्च के मुताबिक, पौधों से मिलने वाले ये फ़ूड दिमागी कमज़ोरी की रफ़्तार को धीमा करने में मदद कर सकते हैं.

फैटी फ़िश (तैलीय मछली). फ़ैटी फ़िश ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत होती हैं. ये हेल्दी अनसैचुरेटेड फ़ैट, खून में 'बीटा-एमाइलॉइड' के स्तर को कम करने से जुड़े होते हैं. बीटा-एमाइलॉइड एक ऐसा प्रोटीन है जो अल्ज़ाइमर के मरीज़ों के दिमाग में नुकसान पहुंचाने वाले गुच्छे बना देता है. हफ़्ते में कम से कम दो बार मछली खाने की कोशिश करें, लेकिन ऐसी किस्मों को चुनें जिनमें मर्करी की मात्रा कम हो (जैसे सैल्मन, कॉड, डिब्बाबंद लाइट टूना और पोलॉक). अगर आपको मछली खाना पसंद नहीं है, तो अपने डॉक्टर से ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने के बारे में बात करें. या फिर पौधों से मिलने वाले ओमेगा-3 के स्रोतों (जैसे अलसी के बीज, एवोकाडो और अखरोट) को अपनी डाइट में शामिल करें.

इन फूड्स को करें शामिल

बेरी-रिसर्च से पता चलता है कि 'फ़्लेवोनोइड्स' (पौधों में पाए जाने वाले प्राकृतिक रंग-द्रव्य, जिनकी वजह से बेरीज़ का रंग इतना चटक होता है) याददाश्त को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं. हार्वर्ड के 'ब्रिघम एंड वीमेन्स हॉस्पिटल' के शोधकर्ताओं द्वारा की गई एक स्टडी में पाया गया कि जो महिलाएं हर हफ़्ते स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी की दो या उससे ज़्यादा सर्विंग खाती थीं, उनमें याददाश्त कमज़ोर होने की प्रक्रिया 2.5 साल तक देर से शुरू हुई.

चाय और कॉफ़ी- सुबह के समय पी जाने वाली चाय या कॉफी में मौजूद कैफ़ीन, सिर्फ़ कुछ समय के लिए एकाग्रता बढ़ाने से कहीं ज़्यादा फायदे दे सकती है. 'द जर्नल ऑफ़ न्यूट्रिशन' में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों ने ज़्यादा मात्रा में कैफ़ीन का सेवन किया था, उन्होंने मानसिक क्षमताओं से जुड़े टेस्ट में बेहतर स्कोर किया. कुछ अन्य रिसर्च के अनुसार, कैफ़ीन नई यादों को पक्का करने में भी मदद कर सकती है. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों को तस्वीरों की एक सीरीज़ को ध्यान से देखने के लिए कहा, और उसके बाद उन्हें या तो एक 'प्लेसिबो' (दवा जैसा दिखने वाला पदार्थ) दिया, या फिर 200 मिलीग्राम की कैफीन की गोली दी. अगले दिन, कैफ़ीन लेने वाले ग्रुप के ज़्यादातर लोग उन तस्वीरों को सही-सही पहचान पाए.

अखरोट- नट्स प्रोटीन और हेल्दी फैट्स के बेहतरीन सोर्स होते हैं, और खास तौर पर एक तरह का नट आपकी याददाश्त को भी बेहतर बना सकता है. UCLA की एक स्टडी में अखरोट के ज़्यादा सेवन को कॉग्निटिव टेस्ट के बेहतर स्कोर से जोड़ा गया है. अखरोट में एक खास तरह का ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जिसे अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) कहते हैं. ALA और दूसरे ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर डाइट को कम ब्लड प्रेशर और साफ धमनियों से जोड़ा गया है. यह दिल और दिमाग, दोनों के लिए अच्छा है.

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ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए एक हेल्दी डाइट पैटर्न अपनाना, जिसमें ढेर सारे फल, सब्ज़ियां, दालें और साबुत अनाज शामिल हों.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative