हवा बदलते ही बदलें जीवनशैली, यूनानी चिकित्सा से जानें हर मौसम में अच्छी सेहत का मंत्र

नई दिल्ली: यूनानी चिकित्सा पद्धति में हवा और मौसम को केवल सांस लेने या तापमान के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इन्हें हमारे शरीर के संतुलन और स्वास्थ्य से सीधे जोड़कर समझा जाता है। प्रत्येक ऋतु के अपने विशेष गुण होते हैं—कुछ गर्म, कुछ ठंडे, कुछ नम और कुछ शुष्क। ये गुण हमारे शरीर पर गहरा प्रभाव डालते हैं। यदि हम अपने खान-पान, कपड़े पहनने के तरीके, व्यायाम और दिनचर्या को मौसम के अनुसार ढाल लें, तो हम बीमारियों से काफी हद तक बच सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।
स्वास्थ्य दवाओं से नहीं, जीवनशैली से बनता है
यूनानी चिकित्सा का मुख्य सिद्धांत यही है कि स्वास्थ्य केवल दवाओं से नहीं बनता। हमारी जीवनशैली और वातावरण के तालमेल से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। मौसम और हवा के गुणों के अनुसार आदतों और खान-पान को एडजस्ट करने से रोगों से बचाव आसान हो जाता है।
सर्दियों में देखभाल
सर्दियों में हवा ठंडी और शुष्क होती है। यूनानी विद्वानों के अनुसार, इस समय शरीर जल्दी ठंड और सूखापन से प्रभावित हो सकता है। इसलिए इस दौरान ज्यादा गर्म कपड़े पहनना चाहिए, हल्का और गर्म खाना खाना चाहिए और ठंडी हवा में अधिक समय न बिताना चाहिए। साथ ही हल्का व्यायाम करना जरूरी है ताकि शरीर में गर्मी बनी रहे और रक्त संचार सही रहे।
गर्मियों में सावधानियाँ
गर्मियों में हवा गर्म और अक्सर नम रहती है। इस मौसम में शरीर जल्दी थकता है और पसीना अधिक आता है। हल्के और हवादार कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिएं और भारी भोजन से बचें। नियमित हल्का व्यायाम भी शरीर को ताजगी और ऊर्जा प्रदान करता है।
बरसात और शरद ऋतु में जीवनशैली
बरसात के मौसम में हवा नम होती है, जिससे शरीर में नमी बढ़ सकती है। भारी और तैलीय भोजन से बचें और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें। शरद ऋतु में हवा थोड़ी ठंडी और सूखी होती है। इस दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना आवश्यक है। पर्याप्त पानी पिएं और सूखी चीजों का सेवन कम करें।
ताजी हवा और हवादार वातावरण
यूनानी चिकित्सा में साफ और ताजी हवा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। अधिकांश बीमारियों का संबंध दूषित या बंद स्थानों की हवा से होता है। इसलिए घर और कार्यस्थल को अच्छी तरह हवादार रखें, पौधे लगाएं और ताजी हवा लेने के लिए बाहर समय बिताएं। यह शरीर और मन दोनों को तरोताजा रखता है।
निष्कर्ष:
यूनानी चिकित्सा हमें सिखाती है कि मौसम के अनुसार अपनी जीवनशैली में बदलाव करके हम न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि अपने शरीर और मन को संतुलित और तंदुरुस्त भी रख सकते हैं। उचित खान-पान, सही कपड़े और नियमित व्यायाम के साथ ताजी हवा का सेवन हर मौसम में स्वास्थ्य बनाए रखने की कुंजी है। (With inputs from IANS)


