खाने के समय अपने बच्चे को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से कैसे रोकें? एक्सपर्ट बता रहे सॉल्यूशन

ज़्यादातर माता-पिता जो दावा करते हैं कि वे अपने बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखते हैं, वे भी यह मानते हैं कि बच्चों को खाना खिलाने के लिए वे उन्हें स्क्रीन देते ही हैं. अगर बच्चे एक बार का खाना खाने में एक घंटा लगाते हैं और दिन में चार बार खाना खाते हैं, तो उनका स्क्रीन टाइम चार घंटे हो जाता है. चार घंटे तक मोबाइल स्क्रीन देखने का आपके बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है, खासकर अगर वे पांच साल से कम उम्र के हैं. डॉ. प्रोफ़ेसर ए. बिंदु, बाल रोग और नवजात शिशु विभाग, MES मेडिकल कॉलेज, पेरिंथलमन्ना, इस आदत को छुड़ाने के कुछ आसान तरीके बताती हैं और इसके नुकसान भी समझाती हैं.
जानिए इसके नुकसान
जो बच्चे खाना खाते समय टीवी या मोबाइल फोन देखते हैं, वे खाने के स्वाद या महक को ठीक से पहचान ही नहीं पाते. खाना खाना एक मज़ेदार अनुभव होना चाहिए, न कि कोई मशीनी काम. माता-पिता बच्चे की भूख का अंदाजा नहीं लगा पाते. इससे मोटापा, पोषक तत्वों की कमी और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. स्क्रीन देखने का उनके चरित्र निर्माण, व्यवहार और मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है.
बच्चों में बातचीत करने की क्षमता (communication skills) बहुत कम होती है. इसका असर उनके सामाजिक कौशल और बोलने की क्षमता के विकास पर भी पड़ सकता है. आंखों में थकान, कमज़ोर नज़र, सिरदर्द और नींद की कमी इसके कुछ साइड इफ़ेक्ट हैं. पढ़ाई में कमज़ोर प्रदर्शन और भाषा संबंधी कौशल की कमी.
आपको क्या करना चाहिए
- खाना खाते समय किसी भी तरह की स्क्रीन का इस्तेमाल न करें.
- खाने के समय को परिवार के साथ बिताया जाने वाला एक मजेदार पल बनाने की कोशिश करें.
- बच्चों से लगातार बातचीत करते रहें.
- खाने का एक सही समय तय करें और उसका सख्ती से पालन करें.
- खाना आकर्षक तरीके से परोसें.
- माता-पिता को अपने बच्चों के लिए एक आदर्श (role model) बनना चाहिए. खाने के समय अपने मोबाइल फ़ोन खुद से दूर रखने की कोशिश करें.
इन बातों पर ध्यान दें
दो साल से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन बिल्कुल न दें.
दो से पांच साल के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम एक घंटे से ज़्यादा नहीं होना चाहिए.


