नई दिल्ली: नारियल सिर्फ एक साधारण फल नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुंदरता और मानसिक शांति का खजाना है। इसके पेड़ के हर हिस्से—पत्ते, पानी, तेल और गूदा—में अद्भुत गुण छिपे हैं।

नारियल पानी को आयुर्वेद में जीवन रसायन कहा गया है। यह गर्मियों में शरीर को ठंडक देने, बुखार या उल्टी-दस्त के बाद ऊर्जा लौटाने और शरीर में पानी और खनिजों का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

नारियल तेल केवल खाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि बाल और त्वचा के लिए भी प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है। मालिश से बालों का झड़ना कम होता है, डैंड्रफ दूर होती है और जड़ों में ताकत आती है। त्वचा पर लगाने से सूखापन, फटे होंठ और इंफेक्शन कम होता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण हैं, जो त्वचा को चमक और सुरक्षा देते हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथ इसे त्वचा की गर्मी को शांत करने वाला तेल मानते हैं।

नारियल का सफेद गूदा फाइबर और पोषक वसा से भरपूर है, पाचन सुधारता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। सुबह एक टुकड़ा खाने से कब्ज दूर होती है। यह कमजोरी दूर करने वाला प्राकृतिक टॉनिक भी है। नारियल का दूध त्वचा को मॉइस्चराइज करता है, बालों की ड्राइनेस कम करता है और मांसपेशियों को पोषण देता है।

आयुर्वेद के अनुसार, नारियल वात और पित्त दोष को शांत करता है, शरीर को ठंडक देता है और मानसिक शांति लाता है। नारियल पानी में तुलसी का रस मिलाकर पित्त शांति पेय बनाया जा सकता है। दांत और मसूड़ों के लिए रोज सुबह नारियल तेल से पांच मिनट का ऑयल पुलिंग बेहद लाभकारी है।

नारियल एकमात्र ऐसा फल है जो फल, बीज और मेवा तीनों श्रेणियों में आता है। इसका पेड़ 100 साल तक जीवित रह सकता है और लगभग 75 फल देता है। (With inputs from IANS)

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नारियल के पानी, तेल और अन्य हिस्से से सेहत और सुंदरता दोनों में लाभ मिलता है।
Khushi Chittoria
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Khushi Chittoria joined Medical Dialogues in 2025 as a Media and Editorial Intern. She holds a degree in Bachelor of Arts in Journalism and Mass Communication from IP University and has completed certifications in content writing. She has a strong interest in anchoring, content writing, and editing. At Medical Dialogues, Khushi works in the editorial department, web stories and anchoring.