खतरे की घंटी है हद से ज्यादा जंक फूड का सेवन, ये चीजें हैं बेहतर विकल्प

नई दिल्ली: आज के समय में जंक फूड बच्चों और बड़ों दोनों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। शाम की हल्की भूख मिटाने के लिए लोग अक्सर त्वरित और आसानी से उपलब्ध जंक फूड का सहारा लेते हैं।
पिज्जा, बर्गर, प्रोसेस्ड मिठाई और चिप्स जैसे खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सुविधाजनक भी हैं, लेकिन इन्हें नियमित रूप से खाने से शरीर पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। कभी-कभी बाहर का खाना नुकसानदेह नहीं होता, लेकिन रोजाना जंक फूड का सेवन स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है। इसलिए इसे हेल्दी विकल्पों से बदलना बेहद जरूरी है, ताकि स्वाद के साथ-साथ पोषण और स्वास्थ्य भी सुनिश्चित किया जा सके।
गर्मियों के मौसम में डिब्बाबंद पेय पदार्थों का सेवन बढ़ जाता है, जो आंत और लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके बजाय नींबू पानी या शिकंजी जैसी प्राकृतिक और ताजगी देने वाली ड्रिंक पीना बेहतर विकल्प है। यह शरीर को हाइड्रेट रखती है और त्वचा पर निखार भी लाती है।
पिज्जा और बर्गर बच्चों और बड़ों के पसंदीदा जंक फूड बन गए हैं, लेकिन इनके स्थान पर हेल्दी विकल्प जैसे ढोकला या सब्जियों के साथ इडली दी जा सकती है। यह न केवल स्वाद में अच्छा होता है बल्कि पोषण की दृष्टि से भी बेहतर है।
आइसक्रीम और प्रोसेस्ड मिठाई शरीर में शुगर स्तर बढ़ाने, मोटापा और सूजन पैदा करने में योगदान देती हैं। इसके स्थान पर मौसमी फल जैसे जामुन, अमरूद और स्ट्रॉबेरी खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इनमें प्राकृतिक मिठास, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और पाचन में सुधार करने में मदद करते हैं।
सॉल्टेड चिप्स की जगह बच्चों को रोस्टेड मखाने, मूंगफली या चने देना बेहतर विकल्प है। इनको हल्के मसाले और नींबू के साथ मिलाकर स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। मांसाहारी लोग प्रोसेस्ड मीट के स्थान पर बीन्स, राजमा, चना और दालों का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इनमें प्रोटीन और आयरन भरपूर मात्रा में होता है और यह ब्लड प्रेशर, शुगर जैसी बीमारियों से भी बचाव करता है।
इस प्रकार, जंक फूड के स्थान पर हेल्दी विकल्प अपनाकर न केवल स्वाद और भूख मिटाई जा सकती है, बल्कि स्वास्थ्य को भी बनाए रखा जा सकता है। नियमित रूप से पोषण से भरपूर और प्राकृतिक विकल्प चुनना शरीर को मजबूत, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला और लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने वाला साबित होता है। (With inputs from IANS)


