आज के डिजिटल दौर में ईयरफोन, हेडफोन और ब्लूटूथ नेकबैंड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह आदत आपको हमेशा के लिए खामोशी की दुनिया में धकेल सकती है? वर्ल्ड हियरिंग डे (3 मार्च) के मौके पर AIIMS दिल्ली के ईएनटी (ENT) विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है.

ईयरफोन और हियरिंग लॉस: क्या कहती है AIIMS की रिपोर्ट?

AIIMS दिल्ली की डॉ. पूनम सागर के अनुसार, पर्सनल लिसनिंग डिवाइसेस का लंबे समय तक और तेज आवाज में इस्तेमाल 'नॉइज इंड्यूस्ड हियरिंग लॉस' का सबसे बड़ा कारण बन रहा है.डॉक्टरों ने बताया कि हमारे कान के भीतर बहुत संवेदनशील कोशिकाएं (Sensory Cells) होती हैं. जब हम लगातार तेज आवाज में संगीत सुनते हैं या गेमिंग करते हैं, तो ये कोशिकाएं स्थायी रूप से डैमेज हो सकती हैं. एक बार ये कोशिकाएं नष्ट हो गईं, तो सुनने की क्षमता को पूरी तरह वापस लाना नामुमकिन होता है.

खतरे की घंटी: 40 की उम्र में ही कम हो रही सुनने की शक्ति

आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ (50 साल के बाद) सुनने की क्षमता कम होती है, लेकिन आजकल खराब आदतों के कारण 40 की उम्र के आसपास ही लोगों को सुनाई देना कम हो रहा है. खासकर टीनएजर्स और युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है.

मेट्रो, बस या ट्रैफिक के शोर में ईयरफोन की आवाज बढ़ा देते हैं.लगातार कई घंटों तक गेमिंग या ऑनलाइन क्लास के लिए हेडफोन लगाते हैं. कान में भारीपन या 'सीटी' बजने जैसी आवाज (Tinnitus) महसूस करते हैं.

AIIMS विशेषज्ञों का सुझाव: '60-60' का नियम अपनाएं

कानों को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों ने कुछ बहुत ही आसान लेकिन जरूरी उपाय बताए हैं.अपने डिवाइस की आवाज को कभी भी उसकी अधिकतम क्षमता के 60% से ऊपर न ले जाएं.अगर आप ईयरफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हर एक घंटे (60 मिनट) के बाद कम से कम 10-15 मिनट का ब्रेक जरूर लें। इससे कानों की कोशिकाओं को आराम मिलता है. शोरगुल वाली जगहों पर वॉल्यूम बढ़ाने के बजाय 'नॉयज़ कैंसलेशन' वाले हेडफोन का उपयोग करें या वहां ईयरफोन न लगाएं. छोटे बच्चों में हियरिंग लॉस की पहचान जितनी जल्दी होगी, इलाज उतना ही बेहतर होगा.

aiimsaiims delhiearphones

Topic:

आज के डिजिटल दौर में ईयरफोन, हेडफोन और ब्लूटूथ नेकबैंड हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं.
Priya Gupta
Priya Gupta

Priya Gupta brings over six years of dynamic journalism experience from leading Indian news agencies, including NDTV, News Nation, and Zee News. TV9 Bharatvarsh A seasoned reporter, she has covered key beats like politics, education, jobs, and international relations, delivering insightful analysis on national and global issues. Priya now drives coverage at health dailogues managing news updates in the health sector. She handles media outreach, develops press releases, spotlights healthcare professionals and institutions, and leads health awareness initiative