बार-बार पेट फूलना किसी बड़े खतरे का हो सकता है संकेत, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

मुंबई: दुनिया भर में कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है और इनमें पेट का कैंसर एक गंभीर बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती लक्षण सामान्य पाचन समस्याओं जैसे गैस, अपच या थकान से मिलते-जुलते होते हैं। यही कारण है कि कई लोग इन्हें मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं।
अक्सर इस बीमारी का पता तब चलता है जब यह उन्नत अवस्था में पहुंच चुकी होती है या शरीर के अन्य अंगों में फैलने लगती है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के मुताबिक, कुछ ऐसे संकेत हैं जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो उपचार अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
सबसे सामान्य संकेत है बार-बार पेट फूलना। भारी भोजन के बाद हल्का फूलना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि कम मात्रा में खाने पर भी पेट भरा हुआ लगे या रोजाना भारीपन महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, शुरुआती अवस्था में भोजन के पाचन और आगे बढ़ने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। आयुर्वेद भी कमजोर पाचन अग्नि को आंतरिक असंतुलन का कारण मानता है। यदि खानपान सुधारने के बाद भी समस्या बनी रहे, तो चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।
लगातार थकान दूसरा महत्वपूर्ण संकेत है। पर्याप्त आराम के बावजूद कमजोरी बनी रहना सामान्य नहीं है। पेट के कैंसर में आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है, जिससे शरीर में खून और आयरन की कमी हो जाती है। इसके साथ चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना या सांस फूलना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
अचानक वजन घटना और थोड़ा खाने पर ही पेट भर जाना भी चेतावनी संकेत हो सकता है। ऐसा भोजन मार्ग में रुकावट या शरीर की ऊर्जा खपत बढ़ने के कारण हो सकता है। आयुर्वेद इसे शारीरिक संतुलन बिगड़ने का संकेत मानता है।
बार-बार मितली या उल्टी जैसा महसूस होना भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि बिना स्पष्ट कारण के यह समस्या रोजाना हो, तो जांच कराना आवश्यक है। लंबे समय तक बने रहने वाले ये लक्षण गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं। (With inputs from IANS)


