Health Alert: भारत में हर 10 में से 6 महिलाएं 'पेट के मोटापे' की शिकार! शोध में हुआ गंभीर बीमारियों का खुलासा

भारत में 30 से 49 साल की आयु की लगभग 50-60% महिलाएं एब्डोमिनल ओबेसिटी (Abdominal Obesity) से सफर कर रही हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि यह केवल दिखने में खराब नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर अंगों के आसपास जमा घातक वसा (Visceral Fat) का संकेत है. मोटोपा हमेशा से आपके सेहत को नुकसान पहुंचाता है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह प्रवृत्ति अब किशोरियों और कम उम्र की लड़कियों में भी तेजी से देखी जा रही है. ज्यादा उम्र होने के बाद अक्सर ये देखा जाता है कि कमर के पास की चर्बी बढ़ गई है लेकिन कम उम्र में भी होना आपके नुकसान पहुंचाता है.
BMI नहीं, 'कमर का घेरा' है असली पैमाना
फोर्टिस सी-डॉक के चेयरमैन और इस स्टडी के लेखक प्रो. अनूप मिश्रा के अनुसार, भारतीयों के लिए केवल बॉडी मास इंडेक्स (BMI) मोटापे को मापने का सही तरीका नहीं है. भारतीयों में कम BMI होने के बावजूद शरीर में वसा (Body Fat) का लेवल ज्यादा होता है. अब एक्सपर्ट का सुझाव है कि सामान्य मोटापे के बजाय कमर की परिधि (Waist Circumference) और कमर-से-ऊंचाई अनुपात (Waist-to-height ratio) का उपयोग किया जाना चाहिए. महिलाओं के लिए 80 सेमी और पुरुषों के लिए 94 सेमी से अधिक कमर का घेरा खतरे की निशानी है.
इन गंभीर बीमारियों का बढ़ जाता है खतरा
- पेट के अंगों (जैसे लिवर और पैन्क्रियाज) के आसपास जमा वसा इन रोगों का मुख्य कारण बनती है:
- हृदय रोग-हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम.
- टाइप 2 डायबिटीज-इंसुलिन रेजिस्टेंस का बढ़ना.
- लिवर की बीमारियां-MASLD (लिवर में फैट जमा होना).
- कैंसर:** विशेष रूप से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा.
- किडनी की समस्या क्रोनिक किडनी डिस्फंक्शन.
क्यों बढ़ रहा है पेट का मोटापा?
स्टडी के अनुसार, पेट के घेरे बढ़ने के पीछे ये 4 मुख्य कारण हैं. शारीरिक सक्रियता में भारी कमी. मांसाहारी भोजन और अधिक कैलोरी वाली डाइट. बचपन में कुपोषण के बाद अचानक लाइफस्टाइल में आया बदलाव. उम्र बढ़ने और बेहतर आय के साथ जीवनशैली का सुस्त होना.


