दिनभर में कितनी चाय सेहत के लिए सही? नींद से लेकर पाचन तक के लिए नुकसानदायक

मुंबई: भारत में दिन की शुरुआत अक्सर एक कप चाय के साथ होती है। चाय सिर्फ थकान दूर करने का साधन नहीं है, बल्कि यह बातचीत और परिवार या दोस्तों के साथ समय बिताने का भी एक जरिया बन गई है। सुबह अखबार के साथ, ऑफिस में ब्रेक पर या शाम को परिवार के साथ – चाय लगभग हर घर की दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है। हालांकि, अगर इस आदत को जरूरत से ज्यादा अपनाया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।
आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही यह मानते हैं कि अत्यधिक चाय का सेवन शरीर के संतुलन को बिगाड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर में दो से तीन कप चाय पर्याप्त मानी जाती है।
एक कप चाय में लगभग तीस मिलीग्राम कैफीन मौजूद होता है। यदि दिनभर में इससे अधिक चाय पी जाए, तो शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे मानसिक और शारीरिक प्रभाव महसूस होने लगते हैं। अधिक कैफीन लेने से व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट, नींद न आना और कभी-कभी हाथ-पैर में हल्का कंपन्न महसूस होने लगता है।
इसके अलावा, चाय में टैनिन नामक तत्व पाया जाता है, जो आयरन के अवशोषण में बाधा डालता है। भोजन के साथ या तुरंत बाद चाय पीने से शरीर को जरूरी आयरन नहीं मिल पाता, जिससे लंबे समय में एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि चाय हमेशा भोजन से कम से कम एक घंटे पहले या बाद में पीनी चाहिए।
आयुर्वेद के अनुसार, चाय उष्ण प्रकृति की होती है। ज्यादा चाय पीने से पेट में गर्मी बढ़ जाती है, जिससे एसिडिटी, गैस और सीने में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर खाली पेट चाय पीना अत्यंत हानिकारक माना जाता है, क्योंकि यह पाचन अग्नि को असंतुलित कर सकता है और दिनभर भारीपन या मतली जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
दूध और चीनी वाली चाय यदि सीमित मात्रा में ली जाए, तो यह सामान्यतः नुकसान नहीं करती। लेकिन अधिक सेवन करने पर वजन बढ़ सकता है, क्योंकि इसमें अतिरिक्त कैलोरी और फैट शामिल हो जाता है। इसलिए जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, उन्हें चाय की मात्रा और उसमें मिलाई जाने वाली चीनी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
सारांश यह है कि चाय भारतीय जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसे संतुलित मात्रा में पीना ही स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और लाभकारी है। (With inputs from IANS)


