बिना धूप के सर्दियों में कैसे करें विटामिन डी की कमी पूरी? जानें असरदार तरीके

नई दिल्ली: भारत जैसे देश में, जहाँ अधिकतर दिन धूप खिली रहती है, फिर भी हर चौथा व्यक्ति विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है। सर्दियों में, खासकर माघ के महीने में, सूर्य की शक्ति कमजोर हो जाती है और कई दिनों तक आकाश में घने बादल और कोहरा रहता है। ऐसे समय में शरीर को पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिल पाता।
विटामिन डी शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी, हड्डियों और मांसपेशियों की समस्या, दांतों की कमजोरी और इम्यून सिस्टम में गिरावट हो सकती है। सर्दियों में वात दोष बढ़ने के कारण जोड़ों में दर्द भी अधिक होता है, जिसे विटामिन डी की कमी और बढ़ा सकती है।
शरीर में विटामिन डी दो रूपों में पाया जाता है – विटामिन डी-3 और डी-2। विटामिन डी-3 सूर्य की रोशनी के कारण त्वचा में बनता है, जबकि विटामिन डी-2 भोजन या सप्लीमेंट से मिलता है। वयस्कों को प्रतिदिन 600-800 आईयू, बच्चों को 400 आईयू, 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को 800-1000 आईयू विटामिन डी की आवश्यकता होती है। रक्त में 30-50 एनजी/एमएल विटामिन डी स्तर सामान्य माना जाता है; इससे कम होने पर कमी का खतरा होता है।
धूप न होने पर विटामिन डी की कमी को पूरा करना मुश्किल लेकिन संभव है। इसके लिए फोर्टिफाइड फूड जैसे फोर्टिफाइड दूध, अनाज, बादाम और सोया का सेवन करना चाहिए। मशरूम में विटामिन डी-2 भरपूर मात्रा में होता है, जिसे उबालकर सलाद में या हल्के घी, जीरा और नमक के साथ शैलो फ्राई करके लिया जा सकता है। इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना भी असरदार उपाय है।
दूध और दही में विटामिन डी कम मात्रा में मिलता है, लेकिन यदि शरीर में कमी है तो इन्हें अवश्य शामिल करें। साथ ही, कैल्शियम के साथ सेवन करने से अवशोषण बेहतर होता है और हड्डियों व जोड़ों की मजबूती में मदद मिलती है। नियमित ध्यान रखने पर बिना धूप के भी विटामिन डी की कमी पूरी की जा सकती है। (With inputs from IANS)


